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जैन मुनि की हत्या का विरोध : विभिन्न मांगों को लेकर आज फिर बकस्वाहा बंद कर सौंपा ज्ञापन


बकस्वाहा नगर के साथ ही तहसील अंतर्गत ग्राम बम्होरी, मडदेवरा, बाजना, दरगुवां, सुनवाहा, निवार, नैनागिरि तथा मझगुवांघाटी आदि की जैन समाज व ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों, संस्था समितियों के प्रतिनिधियों ने भी बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए चौबीस घंटे के लिए बंद कर ग्राम की प्रमुख गलियों में रैली प्रदर्शन नारेबाजी कर विरोध जताया और मांगों के निराकरण की मांग की। पढ़िए राजेश रागी/ रत्नेश जैन की विशेष रिपोर्ट…


बकस्वाहा (छतरपुर)। कर्नाटक में चातुर्मास कर रहे जैन धर्म समाज के प्रसिद्ध महान तपस्वी दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 काम कुमार नंदी जी मुनि महाराज की निर्मम हत्या से आक्रोशित जैन समाज ने 20 जुलाई को भारत बंद का आह्वान किया था। इसी के अंतर्गत बकस्वाहा बंद कर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री भारत सरकार तथा कर्नाटक व मप्र के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम लिखे 6 सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन को यहां के तहसीलदार व थाना प्रभारी को पुनः सौंपा गया।

यहां स्मरण रहे कि पिछली 14 जुलाई को भी बकस्वाहा बंद कर रैली प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। बकस्वाहा नगर के साथ ही तहसील अंतर्गत ग्राम बम्होरी, मडदेवरा, बाजना, दरगुवां, सुनवाहा, निवार, नैनागिरि तथा मझगुवांघाटी आदि की जैन समाज व ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों, संस्था समितियों के प्रतिनिधियों ने भी बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए चौबीस घंटे के लिए बंद कर ग्राम की प्रमुख गलियों में रैली प्रदर्शन नारेबाजी कर विरोध जताया और मांगों के निराकरण की मांग की। इस अवसर पर कहा गया कि यदि मांगों निराकरण समय रहते नहीं किया गया तो उग्र जन आन्दोलन किया जाएगा।

धर्म नहीं रहा सुरक्षित

ज्ञापन में कहा गया है कि धर्म, धर्मायतन एवं धर्मगुरु भी आज देश में सुरक्षित नहीं हैं। कर्नाटक के बिलगाम /चिक्कोड़ी क्षेत्र में चातुर्मास कर रहे जैनाचार्य श्री कामकुमार नंदी जी महाराज की निर्ममता पूर्ण वीभत्स हत्या कर शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर बोरवैल में डालने की घटना से पूरा देश ही नहीं अपितु विश्व सहम गया है। राष्ट्रीय चैनल एवं अधिकांश बड़े नेता तथा सरकार मौन होने पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। स्वतंत्र भारत के सबसे जघन्य हत्याकांड में कर्नाटक के गौरवशाली इतिहास पर एक काला धब्बा लगा दिया है। संपूर्ण विश्व का जैन समाज इस बर्बर घटना से बेहद दुखी होकर सदमे में है और आक्रोशित भी है कि कैसे अपने पूज्य साधुओं की सुरक्षा कर सके?

सीबीआई जांच हो

इस बर्बर हत्याकांड से अत्यंत दुखी होकर विरोध की कड़ी में 20 जुलाई को भारत बंद के आह्वान पर बकस्वाहा सहित तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में बंद कर जैन व जैनेत्तर समाज, जनप्रतिनिधि ,संस्थाओं के प्रतिनिधि सड़कों पर उतर कर अपना आक्रोश विरोध जताया। सौंपे गये 6 सूत्रीय ज्ञापन मे मांग की गई कि जैनाचार्य राष्ट्रसंत की बर्बर हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए। स्पेशल पुलिस टास्क फोर्स के माध्यम से गंभीरता पूर्वक जांच कराकर शेष सभी शामिल अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करवाया जाए।

ऐसे दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ सरकार 5 – 6 सप्ताह के अंदर चार्जशीट दाखिल कराए। फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से अपराधियों पर मुकदमा चलवा कर उन्हें शीघ्र मृत्युदंड की सजा दिलाई जाए। सिर्फ कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश में ही नहीं अपितु संपूर्ण देश में यह अध्यादेश लागू किया जाए कि जहां कहीं दिगंबर व श्वेतांबर जैन साधु संत पद विहार व विचरण व विश्राम करें, उनकी सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था पुलिस प्रशासन द्वारा कराई जाए एवं जैन धर्म, श्रमण, तीर्थों व समाज के संरक्षण के लिए सभी राज्यों मे अल्पसंख्यक आयोगों में जैन सदस्य नियुक्त किया जाए और कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।

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