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जैन मित्र मंडल ने दिया युगल मुनिराजों को आहार : नवधा भक्ति से मुनिराज का किया पढ़गाहन 


दिगम्बर निर्ग्रन्थ संत युगल मुनिराजों को जैन मित्र मंडल ने आहार देकर सातिशय पुण्य का अर्जन किया। जैन समाज की सेवाभावी संस्था जैन मित्र मंडल सदैव ही धार्मिक, सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों में अग्रणी रहती है। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन की यह खबर…


मुरैना। दिगम्बर निर्ग्रन्थ संत युगल मुनिराजों को जैन मित्र मंडल ने आहार देकर सातिशय पुण्य का अर्जन किया। जैन समाज की सेवाभावी संस्था जैन मित्र मंडल सदैव ही धार्मिक, सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों में अग्रणी रहती है। मित्र मंडल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के साथ समाजोत्थान के कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लेना है। इस मंडल ने अल्पकाल में ही नगर एवं समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जैन मित्र मंडल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन शिक्षक ने बताया कि नगर के बड़े जैन मंदिर में वर्षाकाल के चार माह में आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री विलोकसागरजी, मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज निरंतर धर्मोपदेशों के माध्यम से आमजन को संयम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सिद्धांत ग्रन्थ समयसार एवं रणयसार की वाचना एवं व्याख्या कर वे स्वयं तो आत्मकल्याण कर ही रहे हैं साथ ही अन्य लोगों को भी भगवान महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश देकर संयम साधना का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। वर्तमान समय में ऐसे निर्ग्रन्थ साधुओं का सान्निध्य मिलना बहुत ही कठिन साध्य है। जैन मित्र मण्डल परिवार के राजकुमार जैन “राजू” के संयोजकत्व में सदस्यों ने युगल मुनिराजों को आहार देने का निश्चय किया ।

विगत दिवस इस कार्य को अंजाम देने का समय भी आया और जैन मित्र मण्डल को नवधा भक्ति के साथ युगल मुनिराजों का पढ़गाहन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । सभी सदस्य सोला के वस्त्रों में हे स्वामी नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु, मन शुद्धि, वचन शुद्धि, काया शुद्धि बोलकर नवधा भक्ति के साथ मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज का पढ़गाहन कर चौके में ले गए और श्रद्धा, भक्ति के साथ निरंतराय आहार कराया। पूज्य मुनिराज के निरंतराय आहार के बाद सभी लोगों ने मिलकर उन्हें पिच्छिका प्रदान की। पूज्य मुनिराज ने सभी को धर्मवृद्धि का शुभाशीष प्रदान किया। दिगम्बर जैन संत युगल मुनिराजों के पढ़गाहन एवं आहारचर्या के पावन अवसर पर अतिशय क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, पूर्व मंत्री धर्मेंद्र जैन एडवोकेट, मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन शिक्षक, पवन जैन पोरसा वाले, संयोजक राजकुमार राजू, प्रवक्ता योगेश जैन आलेश, सोनू ज्ञानतीर्थ, अतुल वरेया, सुनील जैन, मनेंद्र जैन रानू, डॉ मनोज जैन, अनिल जैन, बनवारी जैन, विमल जैन सहित महिलाओं एवं बालिकाओं ने मुख्य रूप से सहभागिता प्रदान की।

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