जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी कें 2550 निर्वाण महोत्सव के तहत जैन मिलन महिला मुरैना की मासिक मीटिंग व्यवस्था शाखा की अध्यक्ष वीरांगना सपना जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्य पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक हरे वस्त्र पहन कर आईं। इस अवसर पर विश्व शांति जगत कल्याण की कामना के लिए भगवान आदिनाथ को समर्पित भक्तामर पाठ का वाचन किया गया। पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट…
मुरैना। जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी कें 2550 निर्वाण महोत्सव के तहत जैन मिलन महिला मुरैना की मासिक मीटिंग व्यवस्था शाखा की अध्यक्ष वीरांगना सपना जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्य पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक हरे वस्त्र पहन कर आईं। इस अवसर पर विश्व शांति जगत कल्याण की कामना के लिए भगवान आदिनाथ को समर्पित भक्तामर पाठ का वाचन किया गया एवं अपने दोषों की परमात्मा से क्षमा प्राप्ति के लिए आलोचना पाठ पढ़ा गया। इस अवसर पर भजन भक्ति व आरती भी की गई।
आयोजन में पर्यावरण सुरक्षा हेतु एवं वातावरण को हरा भरा बनाए रखने के उद्देश्य सपना जैन द्वारा शाखा की सभी सदस्यों को गमले में लगे तुलसी व पीले फूलों के पौधे वितरित किए गए। इस दौरान वीरांगना सरिता जैन ने कहा कि हमें पर्यावरण में फैल रहे प्रदूषण को रोकने की दिशा में काम करना चाहिए। इसके लिए लोगों में पौधे लगाने के प्रति जागरुकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें प्रति व्यक्ति एक पेड़ लगाने की दिशा में लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के बारे बताना होगा।
बैठक में वीरांगना सपना जैन ने बताया कि हमें नीम और तुलसी का पेड़ अपने घरों में अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि नीम की पत्तियों से अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। वही तुलसी के पेड़ से सबसे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। जिसके चलते जीव जन्तु स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा महिलाओं के द्वारा व्रत-त्योहार के अवसर पर व प्रतिदिन की क्रियाकलापों एवं पूजा अर्चना में अनेक प्रकार के वृक्षों, पीपल, तुलसी, आंवला, अशोक, बेल, शम्मी, नीम,आम आदि वृक्षों की पूजा अर्चना की जाती है। इस माध्यम से पर्यावरण को संरक्षण प्रदान किया जा सकता है। सपना जैन ने कहा कि हमें पेड़ पौधे तथा पशु पक्षी का भी संरक्षण करना चाहिए।
कोषाध्यक्ष वीरांगना ऊषा जैन ने कहा कि पेड़ पौधे की कमी से आक्सीजन की कमी होती चली जाएगी। जिससे जीवन मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में पेड़ पौधे जीवन को बचाने में ही नहीं अपितु पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी अहम रोल अदा कर रहे हैं। अगर पेड़ पौधे कम हो जाएंगे तो पक्षियों का आश्रय स्थल कम होता चला जाएगा। यही कारण है कि वनों की कटाई के चलते जीव-जंतु कम होते चले जा रहे हैं। आहार श्रृंखला में भी पेड़ों की काफी महत्ता है। शाकाहारी जीव जंतु पेड़ पौधों को परोक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से खाते हैं। यदि पेड़ पौधे नहीं होंगे तो शाकाहारी जीव कम हो जाएंगे, इस लिए हमे संकल्प लेना है कि पेड़ पौधों को लगाना व इन्हें बचाना हैं वीरांगना बबिता जैन ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण को संतुलित बनाने के लिए पेड़ लगाना बहुत ही आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि शहरों में जगह के अभाव के कारण बडे पेड़ लगाना मुश्किल है फिर भी बची हुई पर्याप्त जगह पर भी पौधे लगाकर इसकी थोड़ी बहुत भरपाई कर पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है। इस मौके पर सभी महिला सदस्यों द्वारा यह संकल्प लिया गया कि अपने प्रत्येक जन्मदिन पर एक-एक एक पेड़ लगाएंगे व दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही कहा कि पेड़ पौधे से ही जीव जन्तुओं को भोजन, मनुष्यों को ऑक्सीजन तथा कई कामों में उपयोग होने वाली लकड़ी भी मिलती है। आयोजन में वीरांगना सरिता जैन, सपना जैन ,बबिता जैन, कल्पना जैन, शीतल जैन, बबिता जैन,प्रीति जैन,सीमा जैन ,शालू जैन, श्वेता जैन, उषा जैन, रजनी जैन, राखी जैन सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।













Add Comment