के बड़ के बालाजी जैन मंदिर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में परम मुनि भक्त राजेश पंचोलिया को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। यहां के बड़ के बालाजी जैन मंदिर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में परम मुनि भक्त राजेश पंचोलिया को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित उपाधि ‘अचीवर अवॉर्ड काउंसिल’ द्वारा प्रदान की गई है। डॉ. पंचोलिया ने अपनी इस शैक्षणिक व सामाजिक उपलब्धि का प्रमाणपत्र आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के चरणों में समर्पित कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक पृष्ठभूमि और समाज सेवा
पारिवारिक परिचय: डॉ. राजेश पंचोलिया, आर्यिका श्री महायश मति माताजी के गृहस्थ अवस्था के पिता हैं। उनके पूज्य पिता भी समाधिस्थ मुनि श्री चारित्र सागर जी महाराज थे।
योगदान: एम.कॉम. शिक्षित डॉ. पंचोलिया पिछले कई वर्षों से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के प्रवचनों और जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के वीडियो सोशल मीडिया पर देश-दुनिया में प्रसारित कर रहे हैं।
लेखन कार्य: वे विभिन्न समाचार पत्रों में नियमित धार्मिक लेखन करते हैं। उन्होंने प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के जीवन परिचय पर एक विशेष प्रश्नोत्तरी भी तैयार की है।
शासकीय सेवा: 1 नवंबर 1960 को जन्मे डॉ. पंचोलिया मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन विभाग में 38 वर्षों तक अपनी सेवाएं देने के बाद वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय आचार्य श्री के शुभ आशीर्वाद को दिया।
संघ और समाज ने दी बधाई
इस गौरवपूर्ण अवसर पर जैन समाज और पूज्य साधु संघ में हर्ष की लहर दौड़ गई। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी महाराज, आर्यिका श्री महायश मति माताजी, आर्यिका श्री निर्मोह मति माताजी सहित संघ के समस्त साधुगण गज्जू भैया, अभिषेक भैया,सुरेश सबलावत, भागचंद चूड़ीवाल, राजेश सेठी, राजकुमार सेठी, कमल बाबू, पंचोलिया परिवार संगीता पंचोलिया, आरती जैन, अजय, समर, सावन, लवीश, अंकुरि सहित अनेक परिजन ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।













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