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चातुर्मास कलश स्थापना समारोह 9 जुलाई को : आचार्य अतिवीर मुनिराज का लाल मन्दिर में हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश


परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज का राजधानी दिल्ली के अतिशयकारी श्री दिगम्बर जैन लाल मन्दिर, चांदनी चौक में 5 जुलाई को मंगल चातुर्मास हेतु आगमन पर जैन समाज द्वारा ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आचार्य श्री का विशाल शोभायात्रा के साथ प्राचीन श्री दिगम्बर जैन मन्दिर, दिल्ली गेट से मंगल विहार प्रारंभ हुआ तो गुरुभक्तों ने जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। पढ़िए समीर जैन की रिपोर्ट…


दिल्ली। प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) परम्परा के प्रमुख संत परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज का राजधानी दिल्ली के अतिशयकारी श्री दिगम्बर जैन लाल मन्दिर, चांदनी चौक में 5 जुलाई को मंगल चातुर्मास हेतु आगमन पर जैन समाज द्वारा ऐतिहासिक स्वागत किया गया। पिछले कई वर्षों के सतत प्रयासों के बाद आचार्य श्री के चातुर्मास की लाल मन्दिर में स्थापना होने से समस्त क्षेत्र में अत्यंत हर्ष व उमंग का माहौल बना हुआ है।

भव्य अगवानी हुई

आचार्य श्री का विशाल शोभायात्रा के साथ प्राचीन श्री दिगम्बर जैन मन्दिर, दिल्ली गेट से मंगल विहार प्रारंभ हुआ तो गुरुभक्तों ने जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। शोभायात्रा में बैंड-बाजे, नफीरी-ताशा, जैन ध्वज, स्कूली बच्चे, महिला, पुरुष आदि अपार जनसमूह साथ-साथ चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह आकर्षक रंगोली बनाकर महाराज जी का भावभीना स्वागत किया गया। विशाल शोभायात्रा का दरियागंज क्षेत्र पहुंचने पर भव्य अगवानी हुई। अहिंसा मन्दिर, वीर सेवा मन्दिर, जैन बाल आश्रम आदि प्रमुख स्थानों पर तथा समाजजन ने अपने घर के बाहर पाद प्रक्षालन व मंगल आरती कर पूज्य आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।

चरण वंदना कर अगवानी

उत्साह व हर्ष से भरपूर भक्तों के साथ पूज्य आचार्य श्री का चातुर्मास स्थल पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया, जहां सर्वप्रथम चातुर्मास निमित्त एक विशालकाय बैलून लगाया गया। 18 सौभाग्यशाली परिवारों ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया व मंगल आरती कर भावभीना स्वागत किया। यहां विराजमान गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री 105 चन्द्रमती माताजी ने भी आचार्य श्री की चरण-वंदना कर अगवानी की। प्राचीन श्री अग्रवाल दिगम्बर जैन पंचायत के पदाधिकारी, सभी जिनालयों के प्रबंधक, समस्त महिला मण्डल व जैन स्कूल की अध्यापिकाओं ने आचार्य श्री को श्रीफल अर्पित कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

समाज को मिलता है संत सानिध्य

सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि चातुर्मास एक ऐसा प्रसंग है, जब समाज को संत का सान्निध्य इतने लंबे समय तक प्राप्त होता है। समस्त समाज को इस अमूल्य समय का सदुपयोग करना चाहिए। गुरुवर को याद करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि यदि आज वह होते तो लाल मन्दिर चातुर्मास को देखकर अवश्य ही बहुत प्रसन्न होते। इतने वर्षों से प्रयासरत पंचायत की भी भावना इस वर्ष साकार रूप ले रही है। उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री का चातुर्मास कलश स्थापना समारोह 9 जुलाई को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा।

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