जैन अतिशय तीर्थ स्थल चांदखेड़ी में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के 30वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन देशभर के जैन समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्यापक सहभाग से होने जा रहा है। चांदखेड़ी (खानपुर) से पढ़िए, नितिन जैन की यह रिपोर्ट…
चांदखेड़ी (खानपुर)। जैन अतिशय तीर्थ स्थल चांदखेड़ी में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के 30वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन देशभर के जैन समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्यापक सहभाग से होने जा रहा है। अधिवेशन को सफल बनाने के लिए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झाँझरी, महासचिव, कोषाध्यक्ष अश्विन कासलीवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष सलाहकार आशीष सूतवाला के निर्देशन में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय पदाधिकारियों का चांदखेड़ी तीर्थ स्थल पर आगमन प्रारंभ हो चुका है। महाकोशल-विंध क्षेत्र के निवर्तमान अध्यक्ष प्रदीप जैन, जबलपुर मेन ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष आजाद जैन, वरिष्ठ पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. यतीश जैन, मुल्कराज बादशा, विकास जैन, मुकेश जैन, प्रशांत जैन, अंजुल जैन सहित 300 से अधिक राष्ट्रीय पदाधिकारी पहुंच चुके हैं। 12 अप्रैल तक लगभग 1000 से अधिक पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के अधिवेशन में शामिल होने की संभावना है।
जिन देशना के कार्यों को गति प्रदान करने पर भी विशेष बल
यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें वर्ष 2026 के लिए फेडरेशन की भावी कार्ययोजना एवं दिशा तय की जाएगी। बैठक में सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष मंथन किया जाएगा। साथ ही देशभर में संचालित विभिन्न जैन सोशल ग्रुप्स के माध्यम से नए सदस्यों को जोड़ने, संगठन को विस्तार देने तथा जिन देशना के कार्यों को गति प्रदान करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। अधिवेशन के माध्यम से समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का उद्देश्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर भव्य व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों को सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण प्राप्त हो सके। यह अधिवेशन जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है, जो संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।













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