धामनोद जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के अंतर्गत 21 जुलाई से चल रहे नौ दिवसीय श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान में समाजजन श्रद्धा और उत्साह के साथ धर्म आराधना कर रहे हैं। अंतिम दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विधान का समापन होगा। पढ़िए श्रीफल साथी यश जैन की यह रिपोर्ट।
धामनोद। धामनोद जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के अवसर पर 21 जुलाई से आयोजित श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ जारी है। नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन अंतिम दिवस विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा।
प्रतिदिन हो रहे अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा
अशोक प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित विधान के दौरान प्रतिदिन भगवान का नित्य अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा सम्पन्न हो रही है। समाज के मीडिया प्रभारी यश जैन एवं अध्यक्ष दीपक प्रधान ने बताया कि प्रातःकाल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है तथा सुबह 8 बजे से विधान प्रारंभ होता है।
मंत्रोच्चार के साथ हो रही आराधना
विधान में मंडना सजाकर मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य एवं गोला समर्पित किए जा रहे हैं। महिलाएं भक्ति एवं उत्साह के साथ विधान में सहभागिता कर रही हैं, वहीं पुरुष वर्ग भी पूर्ण श्रद्धा से आराधना में लीन है। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
महिलाओं के सहयोग से सफल आयोजन
समिति की सचिव प्रभा प्रधान ने बताया कि समाज की महिलाओं के सहयोग से विधान का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। अष्टानिका महापर्व के दौरान अनेक श्रद्धालु उपवास एवं तप की साधना भी कर रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन मंदिर पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
समाजजनों की सक्रिय सहभागिता
आयोजन में कोषाध्यक्ष विजय जैन, उपाध्यक्ष संदीप मंडलोई, निधि जैन, सहसचिव अजय जैन, पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद जैन, नरेंद्र जैन, मुकेश जैन, डॉ. सुरेखा जैन किवावत, सुनील जैन, लोकेंद्र जैन, सुरक्षा जैन, डॉ. प्रीति जैन, सीमा जैन, अंतिम जैन, सुजाता जैन, सीमा मंडलोई, सोना जैन, सोमा जैन, शकुंतला जैन, मंगलेश जैन, प्रभा जैन, सारिका जैन, लीना जैन, दीप्ति जैन, पूर्णिमा जैन, किरण जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
आज होगा विधान का समापन
समति ने बताया कि अंतिम दिवस विशेष पूजा, आराधना एवं धार्मिक कार्यक्रमों के साथ नौ दिवसीय श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान का समापन होगा। समाज के सभी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।













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