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बच्चों ने स्याद्वाद वाटिका में पक्षियों के लिए लगाए जल पात्र: जागरूक बच्चे पक्षियों के संरक्षण को आगे आए आ रहे हैं


सिविल लाइन स्थित स्याद्वाद बाल संस्कार केंद्र जूनियर हाईस्कूल परिसर में स्थित स्याद्वाद वाटिका में बच्चों ने जल पात्र लगाए। करुणा इंटरनेशनल से जागरूक होकर बच्चे पक्षियों के संरक्षण को आगे आए। बच्चे वाटिका में पौधरोपण के साथ-साथ जलपात्र रखते हैं। ललितपुर से राजीव सिंघई की पढ़िए, यह खबर…


ललितपुर। नगर के सिविल लाइन स्थित स्याद्वाद बाल संस्कार केंद्र जूनियर हाईस्कूल परिसर में स्थित स्याद्वाद वाटिका में प्रधानाचार्य केशवप्रसाद पांडेय के मार्गदर्शन में बच्चों ने जल पात्र लगाए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को बताया कि गर्मी के मौसम में पशु और पक्षी दोनों ही प्यास से व्याकुल हो उठते हैं। उन बेसहारा पशु-पक्षियों का सहारा बनकर गर्मी में घर या बाग-बगीचे में पक्षियों को दाना-पानी जरूर रखें। जिससे प्यास के कारण पक्षियों के कंठ न सूख पाएं। करुणा इंटरनेशनल से जागरूक होकर बच्चे पक्षियों के संरक्षण को आगे आ रहे हैं और गौरैया घौंसले के साथ जलपात्र लगाकर पक्षियों को संरक्षित कर हैं। बच्चों ने विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर वाटिका में गौरैया संरक्षण को घौंसले लगाए।

जिनमें नन्हीं गौरैया की चीं-चीं की मधुर आवाज सुनाई देने लगी है। सीमा जैन ने बताया कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है। बच्चे वाटिका में पौधरोपण के साथ-साथ जलपात्र रखते हैं। जिससे पक्षी प्यासे न रहें। शिक्षिका लक्ष्मी सिरोठिया ने कहा कि जलपात्रों को पेड़ पर लगाया गया है। जिससे पक्षी स्याद्वाद वाटिका में आएं और वह पानी पीकर प्यास बुझाएं। बच्चे प्रतिदिन जलपात्रों में जल भरकर रख रहे हैं जिससे पक्षी वाटिका में आएं और उनकी चहचहाहट की आवाज सुनाई देती रहे। करुणा क्लब प्रभारी शिक्षिका स्नेहा पटोदिया ने बताया कि परी सेन, अमन नामदेव, भूपेंद्र राजपूत, रूद्र सेन, पंकज राजपूत, गौरी जैन,तन्मय जैन ने वाटिका में जलपात्रों को लगाया उनमें जल भरने एवं पक्षियों प्रतिदिन दाना डालने का संकल्प लिया। इस दौरान मोहिनी कुशवाहा, तृप्ति तिवारी, महक राजा, चांदनी, दीक्षा, फूलवती मौजूद रहे।

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