श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर एवं अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति भारत द्वारा 17 से 28 मई तक लगाए गए ग्रीष्म कालीन संस्कार शिक्षण शिविरों में मंगलवार को जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज की मात्र सत्रह अक्षर की कविताओं (हाइकू) पर बच्चों ने शिविर में गहन अर्थ युक्त चित्र बनाए। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर एवं अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति भारत द्वारा 17 से 28 मई तक लगाए गए ग्रीष्म कालीन संस्कार शिक्षण शिविरों में मंगलवार को जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज की मात्र सत्रह अक्षर की कविताओं (हाइकू) पर बच्चों ने शिविर में गहन अर्थ युक्त चित्र बनाए। संत सुधा सागर बालिका महाविद्यालय छात्रावास तथा छात्रावास की अधिष्ठात्री शीला जैन ड्योडा ने हाइकू के बारे में बताया कि यह एक मात्र सत्रह अक्षर की गहरे अर्थ वाली कविता होती है, जिसमे प्रथम लाइन में पांच, द्वितीय में सात तथा तृतीय में पांच अक्षर होते हैं। आचार्य विद्यासागर जी की ऐसी रचनाएं बहुत प्रचलित है। निदेशिका वंदना जैन और जयपुर शिविर प्रभारी विनीता जैन ने प्रचार-प्रसार प्रभारी पदम जैन बिलाला को बताया कि जयपुर के मंदिरों में मंगलवार को छोटे छोटे बच्चों ने हाइकू के अर्थ को बहुत अच्छे-अच्छे चित्रों में सजोया है।

यह प्रतियोगिता चार से सात साल तथा आठ से बारह साल के बच्चों के लिए है, जिसमे मंदिर स्तर पर प्रथम आने वालो में से छह सर्वश्रेष्ठ बच्चों को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। आंचल अध्यक्षा शालिनी बाकलीवाल के अनुसार प्रतियोगिता में चित्रकूट, वैशाली नगर, बगरू वालों का मंदिर, दुर्गापुरा, जनकपुरी, केसर चौराहा, थड़ी मार्केट, महेश नगर, अरिहंत विहार, मधुबन, झोटवाड़ा, मालवीय नगर, मुल्तान मंदिर, सांगानेर सहित बहुत से मंदिरों से करीब तीन सो बच्चों की भागीदारी रही है। इधर, सभी मंदिरों में शिविर शिक्षण का कार्य नियमित रूप से ज़ोर-शोर से चल रहा है।













Add Comment