अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ग्रंथ शब्द के कई अर्थ हैं, पर यहां ग्रंथ का अर्थ है गणधर के द्वारा रचा गया द्रव्यश्रुत अर्थात् जिसमें जैन ग्रंथ के सिद्धांतों...
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हर बार की तरह हम सब दीपावली मनाएंगे । महावीर निर्वाणोत्सव पर लडू भी चढ़ा करेंगे, लक्ष्मी पूजन भी धनतेरस पर बर्तन भी खरीदेंगे और रूप चौदस पर रंग-रूप भी...
शिक्षा का जीवन में बहुत अधिक महत्व है। शास्त्रों में लिखा है-साहित्य, कला से विहीन मनुष्य पशु के समान होता है। शिक्षा व्यक्ति के सम्पूर्ण चरित्र का...
इस आलेख में, जो कुछ मैं आपको बताने जा रहा हं, मेरे अपने अनुभव हैं। मन के अंतरंग उद्गार हैॆ। जब मैंने धर्म, ध्यान साधना के मार्ग पर कदम नहीं बढ़ाए थे और लौकिक...
संसार में कोई भी वस्तु खराब नहीं होती। खराब होती है तो उसका उपयोग करने वाले कैसे लोग हैं। कहां, कब, क्या उपयोग करना चाहिए, इसका ज्ञान आवश्यक है। वास्तव में...
धार्मिक संस्कृति से ओत-प्रोत भारत संसार का ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के पर्व और त्यौंहार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी धर्मों के त्यौंहार और पर्व यहां बड़े...
पर्युषण पर्व जैन समाज में सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसका शाब्दिक अर्थ है- परि+उषण, परि यानी चारों तरफ से और उष्ण का मतलब बुरे कर्मों/विचारों का नाश करना...
श्रुतपंचमी पर्व शास्त्र-जिनवाणी का पर्व है। वर्ष में शास्त्र का यह एक मात्र पर्व आता है। आज के दिन सैकड़ों वर्ष पूर्व जिनवाणी का लेखन कार्य समाप्त हुआ था। इस...
अनादिनिधन जैन धर्म में भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर पर्यंत श्रुत परंपरा श्रोत्र रूप में निर्बाध रूप से सतत प्रवाह मान होती रही है। भगवान महावीर के निर्वाण...
बकस्वाहा का जंगल बुंदेलखंड के फेफड़े हैं ललितपुर । वर्चुअल राष्ट्रीय बेबीनार में जस्टिस, समाजसेवी, पर्यावरणविद, आईएएस, पत्रकार, एडवोकेट और पर्यावरण प्रेमियों...








