जैन पुराणों के जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं असि, मषि, कृषि, विद्या...
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-डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जैन परम्परा में मान्य चैबीस तीर्थंकरों की श्रृखंला में भगवान ऋषभदेव का नाम प्रथम स्थान पर है और अंतिम तीर्थंकर भगवान...
प्रियंका सेठी,किशनगढ़अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी आठ मार्च को दुनिया के सभी देश, चाहे वह विकसित हों या विकासशील, महिला अधिकारों की बात करते हैं। महिलाओं और...
आज की युवा पीढी के बारे में कुछ कहना चाहती हूं। आज उनका आत्मविश्वास खत्म होता नजर आ रहा है। माता-पिता भी उनके आगे अपनी बात कहने से डरते है। सारी सुख सुविधाएं...
यह जीवन हमें हमारे शुभ कर्मो के फल के रूप में मिला है। हम सभी को इसका मूल्य पता होना चाहिए। हम बेहतर जीवन के लिए प्रत्येक दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते...
अध्यात्म बहुत विस्तारित विषय है। आध्यात्मिकता का किसी धर्म, संप्रदाय, फिलासफी या मत से कोई लेना-देना नहीं है।आध्यात्मिकता का संबंध मनुष्य के आंतरिक जीवन से...
जैनधर्म के प्रवर्तक, तीर्थंकर ऋषभदेव मोक्ष कल्याणक (निर्वाणोत्सव) 10 फरवरी 2021 के अवसर पर प्रासंगिक आलेख : (वर्तमान में कृषि और किसान की चर्चा सड़क से लेकर...
गणतंत्र का अर्थ है हमारा संविधान-हमारी सरकार-हमारे कर्त्तव्य-हमारा अधिकार। इस व्यवस्था को हम सभी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। स्वतंत्र भारत देश का...
मै वह हूँ जिस पर आजतक किसी की कोई मेहरबानी नही हुई क्योंकि में अब पुराना जो हो गया हूँ, बूढ़ा जो हो गया हूँ। मेरे अपनो ने मुझे मेरे सपनों के साथ छोड़ दिया है।...
प्रतिध्वनि ध्वनि का अनुसरण करती है और ठीक उसी के अनुरूप होती है। दूसरों से हमें वही मिलता है और वैसा ही मिलता है जैसा हम उनको देते हैं। अवश्य ही वह बीज-फल...








