धार्मिक संस्कृति से ओत-प्रोत भारत संसार का ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के पर्व और त्यौंहार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी धर्मों के त्यौंहार और पर्व यहां बड़े...
Category - आलेख
पर्युषण पर्व जैन समाज में सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसका शाब्दिक अर्थ है- परि+उषण, परि यानी चारों तरफ से और उष्ण का मतलब बुरे कर्मों/विचारों का नाश करना...
श्रुतपंचमी पर्व शास्त्र-जिनवाणी का पर्व है। वर्ष में शास्त्र का यह एक मात्र पर्व आता है। आज के दिन सैकड़ों वर्ष पूर्व जिनवाणी का लेखन कार्य समाप्त हुआ था। इस...
अनादिनिधन जैन धर्म में भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर पर्यंत श्रुत परंपरा श्रोत्र रूप में निर्बाध रूप से सतत प्रवाह मान होती रही है। भगवान महावीर के निर्वाण...
बकस्वाहा का जंगल बुंदेलखंड के फेफड़े हैं ललितपुर । वर्चुअल राष्ट्रीय बेबीनार में जस्टिस, समाजसेवी, पर्यावरणविद, आईएएस, पत्रकार, एडवोकेट और पर्यावरण प्रेमियों...
आज कोरोना के चलते खान पान और शुद्धता की चर्चा जोरों पर है। अच्छे स्वास्थ और बीमारियों से बचने के लिए वनस्पति आधारित और शाकाहारी भोजन का महत्व सारा विश्व समझ...
पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 पर विशेष : प्राणवायु ही नहीं जीवन के आधार हैं वृक्ष पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘परि’ + ‘आवरण’। ‘परि’ का अर्थ है- चारों...
मानवीय संवेदनाओं को संक्रमित होने से बचाएं हम सभी अवगत हैं, इन दिनों कोविड के संकट के दौर से पूरा विश्व गुजर रहा है।भारत पर कोरोना का कहर वज्रपात की तरह...
भारतीय संस्कृति में पर्व, त्याहारों और व्रतों का अपना एक अलग महत्व है। ये हमें हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जहां जोड़ते हैं वहीं हमारे आत्मकल्याण में भी कार्यकारी...
माँ ही है, जो हमे दुनिया से नौ महीनों ज्यादा जानती है | मां के लिए कोई भी शब्द, लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा...








