जैन संस्कार

जानिए, उन क्रियाओं के बारे में, जिनका होना है अनिवार्य

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान । जैन शास्त्र कहते हैं कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं...

समाचार सम्मेदशिखर

सम्मेद शिखरजी पर मयूरभंज के पूर्व सांसद के बिगड़े बोल: बाबरी मस्जिद की तरह मंदिरों को गिराने की दी धमकी,आक्रोशित हुआ जैन समाज

सम्मेद शिखरजी पर समाज की भावनाओं को फिर कुरेदा जा रहा है । झारखंड में मयूरभंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद ने हाशिए पर आ चुकी अपनी राजनीति को चमकाने के लिये...

समाचार सम्मेदशिखर

मंगल आगमन : आज के रिश्ते हो गए हैं मैगी जैसे- आचार्य श्री प्रसन्न जी महामुनिराज

आचार्य श्री का भव्य मंगल आगमन बिसपंथी कोठी मधुबन में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार ही जीवन में सुख शांति और समृद्धि देता है। राज कुमार अजमेरा...

समाचार सम्मेदशिखर

राजस्थान वृद्धजन तीर्थ यात्रा योजना में सम्मेद शिखर जी को भी जोड़ा: सीनियर सिटीजन्स को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाने की योजना

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान बजट पेश करते हुए राजस्थान के सीनियर सिटीजन्स के लिए चल रही तीर्थ यात्रा योजना में सम्मेद शिखरजी को भी जोड़ा गया है । गहलोत...

समाचार सम्मेदशिखर

दुर्दशा का शिकार होता जा रहा पवित्र मधुबन: जैन संस्कृति चिंतन अनिल जैन की समाज के प्रबुद्ध लोगों के नाम खुली चिठ्ठी

सारांश मधुबन वो पावन तीर्थ हैं जहां का कण-कण जैन संस्कृति के धर्मावलंबियों के लिये पावन है।मगर आज मधुबन तीर्थ के हालात और समाज को आईना दिखाती एक चिठ्ठी हम...

जैन संस्कार

श्रावक की 53 क्रियाएं 1 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से :जानिए गर्भ से निर्वाण तक श्रावक की 53 क्रियाएं

सारांश जैन संस्कृति और धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि अगर नियम पूर्वक 53 क्रियाओं का पालन करें तो श्रावक परमात्मा बन सकता है । परम तत्व को प्राप्त करने के...

क्या आप जानते है समाचार

क्या आप जानते हैं - 5: देव-दर्शन से दूर हो जाते हैं जीवन के सारे संकट

जिनेन्द्र भगवान का दर्शन जन्म-जन्म के पाप का नाश करता है। उनके दर्शनमात्र से संसार के सुख से लेकर मोक्ष तक मिलता है। जन्म-जन्म के पाप क्षण भर में नष्ट हो जाते...

जैन संस्कार

उपनयन के बिना श्रावक पूजन,अभिषेक,आहार का अधिकारी नहीं …

सारांश जैन संस्कृति में उपनयन संस्कारों की महिमा अपरंपार है । उपनयन संस्कार के बिना श्रावकों को पूजन,अभिषेक और आहार का अधिकार नहीं है। जनेऊ को संस्कृत में...

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