मन्दिर जी में घण्टा रहता है, उसे क्यों बजाते हैं? घंटा बजाते समय हमारे क्या भाव होने चाहिये ? ये प्रश्न प्रायः मन में उठते अवश्य हैं किन्तु यथार्थ समाधान नहीं...
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मंदिर जाने से पहले सबसे पहले शुभ संकल्प करके दैनिक शौचादिक क्रियाओं से निपटकर, छने हुये जल से स्नान करना चाहिए। नहाते समय शैम्पू या चर्बीयुक्त साबुन प्रयोग...
विश्व की प्रायः सभी धर्म संस्कृतियाँ प्रातः काल की ब्रह्मबेला को महत्त्व देती हैं। पर हमें यह नहीं मालूम कि ब्रह्मबेला कहते किसे हैं, इसका क्या महत्त्व है ...
भगवान तीर्थंकर का पूजन अभिषेक पूर्वक ही मान्य है और सम्पूर्ण फल की प्राप्ति कराने वाला है। अभिषेक से संसार और मोक्ष सुख, दोनों मिलते हैं। जिन प्रतिमाओं की...
पूजन,अर्चन,भक्ति इन सबके माध्यम से श्रावक पंचपरमेष्ठी भगवान के गुणों का गान करते हैं, उनका चिंतन करते हैं। इन सबके साथ भाव का होना अत्यंत आवश्यक है। पूजा हो या...
जिनेन्द्र भगवान का दर्शन जन्म-जन्म के पाप का नाश करता है। उनके दर्शनमात्र से संसार के सुख से लेकर मोक्ष तक मिलता है। जन्म-जन्म के पाप क्षण भर में नष्ट हो जाते...
-मनुष्य के समस्त पापों का नाश करने वाला होता है गंधोदक -शरीर के किसी भी भाग की पीड़ा हर लेता है यह पवित्र जल संसार में एक द्रव्य ऐसा भी है, जिसे लगाने से रोग...
प्रत्येक मंगलवार को पर पढ़िए इससे पहले हम चर्चा कर चुके हैं कि श्रावक को धन न्यायपूर्वक ही कमाना चाहिए। आज हम जानेंगे कि अगर धन अन्याय पूर्वक...
क्या आप जानते हैं ? प्रत्येक मंगलवार shreephaljainnews पर आप पढ़िए – श्रावक के छह कर्मों के साथ छह कर्तव्य भी हैं । – दूसरों के दुख को अपना समझने...
प्रत्येक मंगलवार shreephaljainnews पर आप पढ़िए ” कर्म रूपी शत्रुओं को जो जीत जाए, उसे जिन कहा जाता है। जिनका देवता यही जिनदेव हो, उन्हें कहते हैं जैन ।...








