भगवान से भाव जुड़े रहें, गुरु के मार्गदर्शन में जीवन सुरक्षित रहेगा : मुनि श्री समतासागर जी
कुण्डलपुर में मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने पतंग और डोर के उदाहरण से देव, शास्त्र एवं गुरु के प्रति श्रद्धा का महत्व समझाया। उन्होंने अहिंसक जीवन अपनाने तथा पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करने की प्रेरणा दी। पढ़िए श्रीफल साथी अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ एवं जयकुमार जैन ‘जलज’ की यह रिपोर्ट।
कुण्डलपुर • राजीव सिंघई • 17-10-2026, 04:41 pm





















