जयपुर। जनकपुरी-ज्योतिनगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री 108 आदित्यसागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित आठ दिवसीय महामहोत्सव के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने श्री जिनसहस्रनाम विधान में कुल 1008 अर्घ्य समर्पित किए।

प्रातः मूल वेदी पर शांतिधारा का पुण्य लाभ पदम जैन बिलाला एवं जिनेंद्र जैन ने प्राप्त किया। जिनालय में तीनों इंद्रों द्वारा शांतिधारा की गई। इंद्रों ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट भी की।

प्रमुख पात्रों ने किया पुण्यार्जन

शुक्रवार के धार्मिक अनुष्ठान में सौधर्म इंद्र के रूप में नवीन-कविता बाकलीवाल, कुबेर के रूप में सीए जिनेंद्र-डॉ. आभा सेठी तथा यज्ञनायक के रूप में कैलाश-अनीता बिंदायक्या ने सहभागिता की।

रविवार को होगा सामूहिक महामस्तकाभिषेक

आचार्य श्री ने प्रवचन में कलशाभिषेक का महत्व समझाते हुए कहा कि 1008 जिन प्रतिमाओं का एक साथ महामस्तकाभिषेक होना विशेष पुण्योदय का अवसर है।

रविवार, 18 अक्टूबर को प्रातः 7:15 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक सहस्रकूट जिनालय की 1008 जिन प्रतिमाओं का पहली बार सामूहिक महामस्तकाभिषेक आयोजित होगा। इसके पश्चात दोपहर 1:15 बजे से आचार्य श्री का 28वां दीक्षा दिवस महोत्सव भव्यता से मनाया जाएगा।

शनिवार को विश्व शांति एवं जनकल्याण की मंगल भावना के साथ हवन आयोजित किया जाएगा।

तमिलनाडु के जैन मंदिरों पर फिल्म प्रदर्शन

सायंकाल श्रीजी की आरती एवं गुरु भक्ति के बाद दिगंबर जैन महासमिति महिला अंचल, राजस्थान के सौजन्य से तमिलनाडु के जैन मंदिरों पर आधारित विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई। श्रद्धालुओं ने दक्षिण भारत की जैन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

श्रीफल साथी : पदम जैन बिलाला, जयपुर