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आचार्य श्री विनम्रसागर जी के सानिध्य में हुआ भक्तामर विधान : सि़द्धक्षेत्र बावनगजा में हुआ भक्ति भाव से जुटे गुरु भक्त 


आचार्य विराग सागर जी के शिष्य आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में शनिवार को भक्तामर विधान धूमधाम से आयोजित किया गया। आचार्य संघ ने शनिवार को पहाड़ पर स्थित मंदिरों की वंदना और दर्शन कर भगवान आदिनाथ के चरणों में विशेष ध्यान और साधना की। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…


धामनोद। बड़वानी के दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र बावनगजा में आचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में शनिवार को भक्तामर विधान धूमधाम से आयोजित किया गया। आचार्य संघ ने शनिवार को पहाड़ पर स्थित मंदिरों की वंदना और दर्शन कर भगवान आदिनाथ के चरणों में विशेष ध्यान और साधना की। साथ ही इस रमणीय स्थल पर आकर आचार्य संघ ने एक अलग ही अनुभूति को प्राप्त किया। मुनिसंघ ने चुलगिरी के मंदिर के दर्शन कर यहां से मोक्ष गए इंद्रजीत, कुंभकर्ण और साढ़े तीन करोड़ मुनिराज की भक्तिमय साधना अर्चना की। साथ ही तलहटी के मंदिरों के दर्शन किए। शनिवार को आचार्य संघ के सानिध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम और पूजन किया गया। आचार्य श्री का भी पूजन हुआ। इसके बाद आचार्य संघ की आहार चर्या हुई। आचार्य संघ की सामयिक के बाद भक्तामर विधान हुआ। जिसमें श्रावकों द्वारा भगवान आदिनाथ के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया। आचार्य श्री को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया। कई श्रावक-श्राविका उपस्थित हुए। शाम को प्रतिक्रमण, गुरु भक्ति, भगवान की आरती और आचार्य श्री की आरती उपस्थित श्रावकों ने की।

उसके पूर्व आचार्य संघ की अगवानी ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और ट्रस्ट के सदस्यों ने आरती उतार कर पाद प्रक्षालन और श्रीफल भेंटकर की। रविवार सुबह हजारों श्रावक-श्राविकाओं के बीच 84 फीट ऊंची भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के चरणों के अभिषेक और 1008 मंत्रों से शांतिधारा होगी। दोपहर को आहार के बाद आचार्य श्री का 16 वां दीक्षा दिवस कार्यक्रम और प्रवचन होंगे। ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए बाहर से यात्रियों का आना प्रारंभ हो गया है। यह जानकारी मनीष जैन ने दी।

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