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थाने में रखी जिन प्रतिमाओं की जानकारी मांगी: प्रशासन के सहयोग से मंदिरों में पहुंचाई जाएंगी प्रतिमाएं


जैन पत्रकार महासंघ के तत्वावधान में 29 जनवरी को भट्टारक जी की नसिया में जैन पत्रकारों की विचार गोष्ठी हुई थी। इसमें महावीर जी में प्रस्तावित पेनोरमा सहित अन्य बिंदुओं पर भी बातचीत की गई थी। इसी में विचार किया गया कि जिन थानों में जैन आराध्यों और तीर्थकरों की प्रतिमाएं रखी हुईं हैं। उनकी जानकारी प्राप्त कर प्रशासन के सहयोग से यथा स्थान पहुंचाई जा सकें। पढ़िए जयपुर से यह उदयभान जैन की खबर…


जयपुर। जैन पत्रकार महासंघ के तत्वावधान में 29 जनवरी को जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया की अध्यक्षता, श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल के मुख्य आतिथ्य में भट्टारक जी की नसिया में जैन पत्रकारों की एक विचार गोष्ठी हुई थी। इसमें श्री महावीर जी में प्रस्तावित पेनोरमा के बारे में विचार-विमर्श के साथ कई बिंदुओं पर भी चिंतन और मंथन किया गया था। इस गोष्ठी में कासलीवाल ने राजस्थान के विभिन्न थानों में जैन आराध्य देवों, तीर्थंकरों की प्रतिमाएं रखी हुई हैं, जिस पर भारी चिंता प्रकट की थी। अतः यह निर्णय लिया गया कि पत्रकार अपने-अपने थानों में वहां के थाना प्रभारी से संपर्क कर जिन प्रतिमाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

यह सूचना उपलब्ध करवाएं

जैन समाज के पत्रकारों से जानकारी मांगी गई है। जिसमें थाने का नाम, थाने में रखी हुई जिन प्रतिमाओं के नाम उनकी संख्या, कब से हैं, किस स्थिति में हैं, कहां से आईं, थाने में रखे रहने का कारण, प्रतिमाओं के फोटो, न्यायालय में विचाराधीन है तो न्यायालय का नाम, केस नंबर आदि विवरण, उस क्षेत्र में जैन मंदिर, जैन समाज कहां-कहां है, वहां के अध्यक्ष और मंत्री का नाम, मोबाइल नंबर भिजवाएं। साथ ही प्रतिमाओं से संबंधित और कोई सामग्री, कोई भी विवरण की जानकारी कर भिजवाएं। थाने वाइज पूर्ण विवरण 10 दिन में 130 ए विश्वकर्मा नगर महारानी फार्म दुर्गापुरा जयपुर के एड्रेस पर या मोबाइल वाट्सएप पर लिखित में भेजें। ताकि संकलित कर सुधांशु कासलीवाल को विवरण प्रस्तुत कर प्रतिमाओं को प्रशासन से प्रयास कर विवादों को सुलझवा कर मंदिरों में पहुंचाई जा सकें।

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