अखिल भारतीय प्रतिभा सेवा समिति का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन गोलाकोट के सुधा कलश भवन में दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में हुआ। इस अधिवेशन में मुरैना सहित देशभर के 32 शैलियों से महिला और पुरुष क्षेत्रीय संयोजक शामिल हुए। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अम्बाह/गोलाकोट। अखिल भारतीय प्रतिभा सेवा समिति का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन गोलाकोट के सुधा कलश भवन में दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में हुआ। इस अधिवेशन में मुरैना सहित देशभर के 32 शैलियों से महिला और पुरुष क्षेत्रीय संयोजक शामिल हुए। अधिवेशन का शुभारंभ ध्वजारोहण सुदीप जैन (गुरुग्राम) द्वारा किया गया। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य समाज के सभी क्षेत्रीय संयोजकों को एक मंच पर लाना और संगठन की योजनाओं को विस्तार देना है। इससे युवाओं में अनुशासन, सामाजिक चेतना और संगठन के प्रति जिम्मेदारी का भाव बढ़ेगा। सभा मंडप का उद्घाटन गौरव जैन और मीनू जैन (जैन कांटे) ने किया। भगवान आदिनाथ स्वामी के चित्र का अनावरण कोटा के मनोज जैन और नेहा जैन ने किया। दीप प्रज्वलन आगरा के रूपेश जैन और नीलम जैन ने किया। समारोह में मुख्य रूप से प्रवीण जैन (कोटा), संजय जैन (शालीमार आगरा), अजित जैन (चाँदी वाले आगरा), एस के जैन (ठेकेदार गुना), पवन जैन उपस्थित थे।
जैसवाल जैन परिणय एप का तीसरा संस्करण लोकार्पित
कार्यक्रम की प्रारंभिक संध्या में मंगलाचरण का आयोजन मुस्कान जैन (मुरैना) द्वारा नवकार महामंत्र के गान और नृत्य के माध्यम से किया गया। स्वागत भाषण एवं प्रतिभा सेवा समिति की रूपरेखा मुख्य संयोजक अजय जैन (शिवपुरी) द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम संचालन एवं सदन में विचार प्रस्तुत करने की प्रेरणा रविंद्र जैन (जमूसर वाले भोपाल) ने दी। कार्यक्रम के दौरान 2000 प्रतिभाओं के विवरण के साथ जैसवाल जैन परिणय एप का तीसरा संस्करण लोकार्पित किया गया। एप का प्रस्तुति करण एप के निर्माता और मुख्य संयोजक रूपेश जैन (उत्तम नगर) ने बड़ी स्क्रीन के माध्यम से सदन में किया। एप को और अधिक सरल बनाया गया और इसमें कई नए फीचर जोड़े गए।
इन्होंने समझी जिम्मेदारी
कार्यक्रम व्यवस्था की जिम्मेदारी संजीव जैन (केपिटल कम्यूटर शिवपुरी), दिनेश जैन और मनीष जैन (शिवपुरी) ने अपने अथक परिश्रम से पूरी की। पंजीयन एवं उपहार वितरण का कार्य दिल्ली शैली के क्षेत्रीय संयोजक अमरीष जैन, विजय जैन, मनोज जैन टिंकल और सुभाष जैन ने अत्यंत सुंदर ढंग से किया। देशभर के 35 शैलियों से आए क्षेत्रीय संयोजकों ने समाज के अविवाहित बच्चों के संदर्भ में विचार प्रस्तुत किए। महिला संयोजिकाओं ने भी इस गंभीर समस्या पर चिंतन और वक्तव्य दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित थे
इस दौरान कोलकाता शैली से प्रदीप जैन, सुदीप जैन, संजीव जैन, रवि अरुण जैन। इंदौर शैली से सुरेश चंद जैन, वावूजी, प्रदीप जैन, गौरव जैन, मकराना शैली से अनिल जैन, सुनील जैन, अंबाह शैली से विमल जैन, राजू, दिलीप जैन, संजय जैन, पंकज जैन, संतोष जैन, अशोक नगर शैली से नरेशचंद जैन, ओमप्रकाश जैन, आगरा शैली से प्रवीण जैन, राजकोट से सुनील जैन, मुकेश जैन, अजमेर शैली से राकेश जैन, ललित जैन, पाण्डया योगेन्द्र जैन, भोपाल शैली से सुनील जैन, जितेन्द्र जैन, अंकित जैन, दिल्ली शैली से अमरीष जैन, विजय जैन, मनोज जैन, सुभाष जैन, धौलपुर शैली से मानक चंद, राजकुमार जैन, राजू, नरेश जैन, हरविन्दर जैन, पवन जैन, मुरैना शैली से अतुल जैन, रमाशंकर जैन, पोहरी शैली विनोद जैन, योगेन्द्र जैन, शिखरचंद जैन, गुना शैली से मदनलाल जैन सहित महिला प्रतिनिधि सहित लगभग 200 से अधिक सदस्य उपस्थित थे। इस दौरान सुस्वादु भोजन की व्यवस्था शिवपुरी-पोहरी के क्षेत्रीय संयोजकों द्वारा की गई। अधिवेशन के द्वितीय दिवस में सामूहिक तीर्थ वंदना किया गया। यह वंदना गौरव जैन (इंदौर) के संयोजन में अतिश्य क्षेत्र पचराई, चौबीसी मंदिर, चंदेरी, खण्दार, थूवो नजी और अशोकनगर में हुई।













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