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चंद्रप्रभु जिनालय में पर्यूषण पर्व की धूम : दसलक्षण पर्व पर हो रही है संयम और भक्ति की साधना


मुरैना स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन पल्लीवाल मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्ज़व धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना, अभिषेक और विधान सम्पन्न किया। संगीतमय पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया। पढ़िए मनोज जैन की खास रिपोर्ट…


मुरैना के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन पल्लीवाल मंदिर लोहिया बाजार में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने सुबह प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव का मंगल अभिषेक और शांतिधारा किया। इसके बाद सभी श्रावक-श्राविकाओं ने मिलकर पूजन और विधान सम्पन्न किया। तीसरे दिन का विशेष लक्षण उत्तम आर्ज़व धर्म था। पंडित रविंद्र जैन ने बताया कि आर्ज़व का अर्थ है मन, वचन और कार्य की सरलता एवं निष्कपटता। इस अवसर पर मंदिर में संगीतमय पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पर झूमते हुए भगवान की भक्ति में लीन रहे। शाम को महाआरती एवं शास्त्र सभा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में नन्हें-नन्हें बच्चों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया। बच्चों ने भगवान महावीर, तीर्थंकर, साधु-साध्वियों और देवी-देवताओं के आकर्षक रूप प्रस्तुत किए। उनकी भाव-भंगिमा, आत्मविश्वास और उत्साह ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को प्रफुल्लित कर दिया।

मंदिर व्यवस्थापक समिति के पदाधिकारी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर सुभाष जैन, नरेश जैन, राकेश जैन, पार्षद वीरेंद्र जैन, रविंद्र जैन, संजीव जैन, सुशीला जैन, कुसुम जैन, अल्पना जैन, सुनीता जैन, शशि जैन, मिथिलेश जैन सहित अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।

समाज में भक्ति और संयम का संदेश फैलता है

श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में धार्मिक संस्कार और संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है और समाज में भक्ति और संयम का संदेश फैलता है। इस प्रकार पर्यूषण पर्व नगर में न केवल धार्मिक आस्था बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति का प्रतीक बनकर उभरता है।

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