इंदौर के परिवहन नगर जैन मंदिर में मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में रक्षा बंधन विधान सम्पन्न हुआ, जिसमें 700 अर्घ्य अर्पित और सौधर्म इन्द्र का लाभ समाजजनों ने लिया।
इंदौर। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, परिवहन नगर में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में रक्षा बंधन विधान का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर मुनि श्री की पिच्छी, भगवान की वेदी एवं शास्त्र पर श्रद्धापूर्वक राखी बांधी गई। यह सौभाग्य राजेंद्र-हंसा अभिषेक, श्रद्धा जैन, सुश्री निधि जैन एवं मुकेश-सुनीता जैन को प्राप्त हुआ।
विधान में सातों मुनियों के उपसर्ग का स्मरण करते हुए 700 अर्घ्य चढ़ाए गए। समाज अध्यक्ष नवनीत जैन ने बताया कि रक्षा बंधन विधान में मुख्य सौधर्म इन्द्र का लाभ श्रेष्ठी दीपाली जैन, हर्ष शानल व दर्श जैन को मिला, जबकि सामान्य इन्द्र बनने का लाभ निम्न 15 परिवारों को प्राप्त हुआ—
राजेश-संगीता पंचोलिया,महेश-दादा चंद्रप्रभा जैन प्रमोद-सुलेखा चंदेरिया,देवचंद-नविता जैन,ताराचंद-पुष्पा दबाड़े,दिलीप-सुनीता दबाड़े,नीलेश-अरुणा जैन राजेंद्र-हंसा जैन,श्रीमती नीलम जैन (बादल जैन) प्रमोद-नीलुं जैन,शैलेन्द्र-निधि जैन,रतन दादी ब्र. म. मंजू दीदी,ऋषभ-रजनी जैन,कमलेश जैन, रितेश जैन, हितेश जैन कार्यक्रम की शुरुआत भगवान के अभिषेक और शांतिधारा से हुई।
विधान के उपरांत भगवान श्रेयांसनाथ को निर्वाण लड्डु अर्पित किया गया। अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कहा—”रक्षा बंधन का वास्तविक अर्थ धर्म और धर्मात्माओं की रक्षा है। धर्म रहेगा तो ही सांसारिक रिश्ते मजबूत रहेंगे।”
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष नवनीत जैन, सुदर्शन जटाले, प्रफुल्ल जटाले, मुकेश जैन, राजेंद्र जैन, राजकुमार जैन, हर्ष जैन, रोहित जैन, सम्यक जैन, दीपाली जैन, प्रतिभा धनोते, टीशा, अन्नू, शानल जैन, पूर्णिमा जैन, नूतन जैन, राजश्री जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे और धर्मलाभ लिया।













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