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गुजरात से असम तक निकली आचार्य श्री विद्यासागर जी की प्रेरणा यात्रा : मूक माटी म्यूजियम व गुरु मंदिर निर्माण हेतु भव्य रथ यात्रा


हीरापुर (जिला सागर, मध्य प्रदेश) में बनने जा रहे “श्री विद्यासागरम गुरु मंदिर मूक माटी म्यूजियम” हेतु गुजरात से असम तक निकली रथ यात्रा जन-जन में आचार्य विद्यासागर जी के संयम, साधना और आध्यात्मिक जीवन का संदेश प्रसारित कर रही है। पढ़िए राजीव सिंघई की ख़ास रिपोर्ट…


हीरापुर (म.प्र.)। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अमृत जीवन से प्रेरित, उनके परम प्रभावक शिष्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में, श्री दिगम्बर जैन प्रभावना संघ द्वारा “श्री विद्यासागरम गुरु मंदिर मूक माटी म्यूजियम” के निर्माण हेतु भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया है।

यह रथ यात्रा गुजरात से प्रारंभ होकर असम की दिशा में अग्रसर है, जो हर नगर, ग्राम और समाज को संयम, साधना और त्याग की प्रेरणा प्रदान कर रही है। रथ में आचार्य श्री विद्यासागर जी की भव्य प्रतिमा को आकर्षक रूप से सजाया गया है, जो दर्शकों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है।

रथ के चारों ओर लगाए गए फ्लेक्स बैनरों में आचार्य संघ के मुनिराजों व आर्यिकाओं के जीवन प्रसंगों, साधना यात्राओं और तपस्वी जीवन को दिखाया गया है। यह दृश्य श्रद्धालुओं को न केवल धर्म के प्रति नत करता है, बल्कि आत्मिक उन्नति की ओर भी प्रेरित करता है।

यह है इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज को आचार्य श्री की संयममय साधना, धार्मिक दृष्टिकोण और सामाजिक सेवा के संदेश से अवगत कराना है। साथ ही हीरापुर (जिला सागर, म.प्र.) में बन रहे मूक माटी म्यूजियम व गुरु मंदिर के लिए जनजागरूकता एवं सहयोग को एकत्र करना भी इस यात्रा का लक्ष्य है।

रथ यात्रा जिस भी नगर में पहुँच रही है, वहाँ का जैन समाज पूरे श्रद्धा भाव से यात्रा का स्वागत कर रहा है। फूल वर्षा, भजन संध्या, धर्मसभा और जनसंवाद जैसे कार्यक्रमों से यह यात्रा एक धार्मिक उत्सव का रूप ले रही है।

✨ विशेष बिंदु:

– यह यात्रा समाज में संयम, सेवा और साधना के मूल्यों को जीवंत करती है

– ⁠मूक माटी म्यूजियम जैन परंपरा का भव्य केंद्र बनेगा

– ⁠आचार्य विद्यासागर जी का तपस्वी जीवन समाज के लिए युग प्रेरणा है

– ⁠युवाओं में धार्मिक चेतना और संस्कार जाग्रत करने का प्रयास

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