आचार्य विशुद्ध सागरजी ससंघ का पथरिया की ओर विहार जारी है। इसी दौरान विश्राामवस्था के बीच मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी के प्रवचन का लाभ भी क्षेत्रीय जैन समाज के लोग ले रहे हैं। मुनिश्री के प्रवचनों में संपूर्ण जीवन-दर्शन की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
पथरिया। आचार्य विशुद्ध सागरजी ससंघ का पथरिया की ओर विहार जारी है। इसी दौरान विश्राामवस्था के बीच मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी के प्रवचन का लाभ भी क्षेत्रीय जैन समाज के लोग ले रहे हैं। मुनिश्री के प्रवचनों में संपूर्ण जीवन-दर्शन की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। मंगलवार को मुनिश्री सर्वार्थसागर जी महाराज ने कहा कि हम सबके जीवन में कठिनाइयां आती हैं और ये स्वाभाविक भी है लेकिन, जब हम चिंता में डूब जाते हैं तो समस्या छोटी हो या बड़ी, वह हमें निगलने लगती है। चिंता समाधान नहीं है वो तो सिर्फ ऊर्जा का नाश है जबकि, मुस्कुराहट वो एक संकेत है कि मैं टूटा नहीं हूं। मैं अब भी खड़ा हूं।
मुस्कराना कोई कमजोरी नहीं, वो एक आंतरिक शक्ति का प्रदर्शन है। वो कहती है कि हां, हालात कठिन हैं लेकिन, मैं उनसे बड़ा हूं तो अगली बार जब जीवन की कोई मुश्किल आपके सामने खड़ी हो तो घबराइए मत। मुस्कराइए क्योंकि, जब आप मुस्कराते हैं तो आपको ही नहीं आपके आसपास की दुनिया को भी हिम्मत मिलती है।













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