मुनिश्री सुधासागरजी का पिछले दिनों राघौगढ़ में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न राज्यों के मुनि भक्त यहां उनके दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे हुए थे। दिगंबर जैन समाज ने यहां उनके मंगल प्रवेश पर बैंडबाजों, डीजे आदि के माध्यम से भव्यतम अगवानी की। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के पुत्र विधायक जयवर्द्धनसिंह भी उनकी अगवानी के लिए पहुंचे। राघौगढ़ से पढ़िए, श्रीफल साथी हरिहरसिंह चौहान की यह खबर…
राघौगढ़। मुनिश्री सुधासागरजी का पिछले दिनों राघौगढ़ में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न राज्यों के मुनि भक्त यहां उनके दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे हुए थे। दिगंबर जैन समाज ने यहां उनके मंगल प्रवेश पर बैंडबाजों, डीजे आदि के माध्यम से भव्यतम अगवानी की। महिलाओं ने उनकी अगवानी में रंगोली बनाई तो समाजजनों ने पाद प्रक्षालन कर मुनि चरणों की सेवा कर आशीर्वाद लिया। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के पुत्र विधायक जयवर्द्धनसिंह भी उनकी अगवानी के लिए पहुंचे। जब मुनिश्री ने उनका हाथ थामकर आगे अपने पग बढ़ाए जो नमोस्तु, नमोस्तु नमोस्तु का जयघोष यहां की धरती को पावन कर गया। जब मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने विधायक सिंह के साथ चलकर कदम ताल की तो विधायक सिंह ने यह भावना प्रकट की।
मुनि श्री सुधा सागर जी का सहारा हैं।
जब गुरु ने हाथ थामा हैं, हर सांस में णमोकार का मंगल जयकारा हैं।
जब गुरु ने हाथ थामा हैं, बस मुनिश्री का ही सहारा हैं।
अब जीवन के अंधियारे में सूर्य का उजाला हैं, गुरु ने हाथ थामा हैं।
विधायक जयवर्द्धनसिंह ने कहा कि मुनिश्री सुधा सागर जी ने जीवन के मार्ग में मेरा हाथ थामकर जो सहारा दिया है, मैं उनके स्नेह, आशीर्वाद के लिए कृतज्ञ हूं। जैसे एक पिता अपने पुत्र का हाथ थामकर चलना सिखाता हैं, ठीक वैसे ही मुनिश्री आपने मेरा हाथ थामकर जीवन मार्ग पर चलने की शिक्षा दी हैं। धन्य भाग्य मेरे, धन्य भाग्य राघौगढ़ के, आपके चरण यहां पड़े। मेरा प्रणाम गुरुवर, नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु ।













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