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घटयात्रा से पाठशाला महामहोत्सव शुरू: मुनिश्री ने कहा- ‘सिद्धों की आराधना में होती है प्रभु आराधना’


पाठशालाओं की स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने पर के दिगंबर जैन पंचायत समिति तत्वावधान में महामहोत्सव का शुभारंभ हुआ। सिद्धचक्र विधान में सिद्धों की आराधना के लिए शुक्रवार को प्रातःकाल मंगलकलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों पर निकली। जिसमें श्रावकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। ललितपुर से राजीव सिंघई की पढ़िए, यह खबर…


ललितपुर। आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से संचालित पाठशालाओं की स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने पर दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में महामहोत्सव का शुभारंभ हुआ। सिद्धचक्र विधान में सिद्धों की आराधना के लिए शुक्रवार को प्रातःकाल मंगलकलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों पर निकली। जिसमें श्रावकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर से पट्टाचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सौम्यसागर महाराज एवं मुनि श्री जयेंद्र सागर महाराज के सानिध्य एवं आशीर्वाद से विधानाचार्य ब्रह्मचारी मनोज भैया एवं मधुर समैया के मार्गदर्शन में कलशयात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रमुख पात्र सौधर्म इंद्र मनोजकुमार जड़ी-बूटी, कुबेर इंद्र सुरेंद्रकुमार किसलवास, कुबेर इंद्र सोमचंद्र लकी बुक डिपो परिवार, महायज्ञ नायक राकेश जैन बछरावनी, यज्ञनायक अखिलेश गदयाना, ईशान इंद्र राजीव कुमार पीहर साडी, सानत इंद्र धन्यकुमार एडवोकेट, माहेंद्र महेंद्र सराफ, श्राविका श्रेष्ठी ज्योति नजा, विमल सराफ रेमंड, सुबोध जैन सुरभि साड़ी, जयकुमार सराफ, शादीलाल एडवोकेट, चंदाबाई, कपूरचंद्र लागौन, मुन्नीदेवी, सुनील सराफ, वीके टेडर्स, अजय जैन गंगचारी, नमन सरार्फ, ध्वजारोहण कर्ता डॉ. अक्षय टडैया अध्यक्ष जैन पंचायत एवं पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन अंचल परिवार भोजन पुण्यार्जक विशेष वाहनों में ध्वज पताकाएं लेकर चल रहे थे। इनके आगे संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज की झांकी शोभायमान रही।

प्रत्येक श्रावक को सिद्धों की आराधना करना चाहिए

शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों सावरकर चौक से तालाबपुरा होते हुए तुवन चौराहा से घंटाघर होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। जहां मुनि श्री के सानिध्य में ध्वजारोहण की मांगलिक कियाएं ध्वजारोहण कर्ता जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया द्वारा की गई। इसके उपरांत मुनि श्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने सिद्धचक विधान की महिमा बताते हुए कहा सिद्धों की आराधना में प्रभु आराधना होती है और इससे ही जीवन में धार्मिक विशुद्धि बढ़ती है। प्रत्येक श्रावक को सिद्धों की आराधना करना चाहिए।

इनका सहयोग सराहनीय रहा 

आयोजन की व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना, कुंदन भैया, जिनेंद्र जैन रजपुरा, रिंकू भैया, दिलीप जैन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया के अतिरिक्त पाठशाला संचालिका ब्रहमचारिणी नीलू, नीलम जैन, विधि जैन, साक्षी, सौम्या, मुस्कान, पूजा, मीना, अंजली जैन का योगदान मिल रहा है। इस मौके पर प्रमुख रूप से महामंत्री आकाश जैन, शीलचंद अनौरा, कैप्टन राजकुमार जैन, सनत जैन खजुरिया, सतीश नजा, प्रफुल्ल जैन, पारस मनया, अमित जैन सराफ, पवन जैन, अशोक जैन उमरिया, शिक्षक पुष्पेन्द्र जैन, अनंत सराफ आदि मौजूद रहे।

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