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मुनिराजों ने श्रीजी के दर्शन कर शांतिधारा करवाई: मंदिर में आए भक्तों को आशीर्वचनों से उपकृत किया 


उपाध्याय श्री विभंजनसागर जी एवं मुनि श्री विश्वज्ञेय सागर जी का शुक्रवार को सुबह 6.30 बजे आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय स्कीम नंबर 71 में श्रीजी के दर्शनार्थ आगमन हुआ। भक्तों ने उपाध्याय संघ की अगवानी कर चरण प्रक्षालन किए। उपाध्याय श्री ने श्रीजी की शांतिधारा का वाचन किया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य उपाध्याय श्री विभंजनसागर जी एवं मुनि श्री विश्वज्ञेय सागर जी का शुक्रवार को सुबह 6.30 बजे आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय स्कीम नंबर 71 में श्रीजी के दर्शनार्थ आगमन हुआ। चैत्यालय के महेंद्र टी जैन एवं सुनील जैन ईशान ने बताया कि सनत जैन आरती एवं अन्य भक्तों ने पूज्य उपाध्याय संघ की अगवानी कर चरण प्रक्षालन किए।

भक्तिभाव से आरती की। समस्त संघ ने श्री जी दर्शन कर अभिषेक देखा। शांतिधारा का सौभाग्य आरती सनत जैन को प्राप्त हुआ। उपाध्याय श्री विभंजन सागर जी के श्रीमुख से श्रीजी की शांतिधारा का वाचन किया गया। इस अवसर पर मुनि संघ ने आशीर्वचन भी दिए।

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