जैन साधुओं का पद विहार कर चौमासा के लिए निवेदित स्थान पर जाने का क्रम जारी है। अंतर्मुखी मुनि श्री 108 पूज्य सागर जी महाराज एवं सनावद की ओर से आर्यिका श्री क्षमा श्री माताजी एवं सुखद श्री माताजी का बेडिया में मंगल प्रवेश हुआ। यहां संतों का यह मिलन देखकर समाजजन भावविभोर हो गए। बेडिया से पढ़िए, अजय शाह की यह खबर…
बेडिया। जैन साधुओं का पद विहार कर चौमासा के लिए निवेदित स्थान पर जाने का क्रम जारी है। नगर का यह सौभाग्य रहा कि एक साथ दो दिशाओं से पद विहार कर संतों का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। पीपलगोन की ओर से आचार्य अभिनंदन सागर महाराज के प्रभावी शिष्य अंतर्मुखी मुनि श्री 108 पूज्य सागर जी महाराज एवं सनावद की ओर से आचार्य कुंथुंसागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री क्षमा श्री माताजी एवं सुखद श्री माताजी का नगर में मंगल प्रवेश हुआ एवं संतों का मिलन हुआ।
दोनों संतों ने आपस में रत्नत्रय पूछा। समाज के सावन जैन एवं धर्मेंद्र गोठाने ने बताया कि पूज्य सागर महाराज परिवहन नगर इंदौर एवं क्षमा श्री माताजी पावागिरी उन में चातुर्मास के लिए विहाररत हैं। समाजजनों ने मुनिश्री एवं आर्यिका माताजी की अगवानी में शामिल होकर धर्म प्रभावना में सहयोगी बने।













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