भारतीय ज्ञान परंपरा जैन गणित केंद्र के मुख्य अन्वेषक एवं प्राचीन भारतीय गणित अध्ययन केंद्र के निर्देशक डॉ. अनुपम जैन की सृजित पुस्तक जैन गणित की डिजिटल प्रति अयोध्या में आर्यिका ज्ञानमती माताजी एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभात के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. जीएस मूर्ति को समर्पित की गई। डॉ. जैन की इस उपलब्धि की सभी अतिथियों ने सराहना की। इंदौर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर…
इंदौर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में स्थापित भारतीय ज्ञान परंपरा जैन गणित केंद्र के मुख्य अन्वेषक एवं प्राचीन भारतीय गणित अध्ययन केंद्र के निर्देशक डॉ. अनुपम जैन की सृजित पुस्तक जैन गणित की डिजिटल प्रति अयोध्या में विराजित आर्यिका ज्ञानमती माताजी एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभात के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. जीएस मूर्ति को समारोह में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई एवं डॉ. अनुपम जैन ने समर्पित की। इस अवसर पर प्रो. जीएस मूर्ति ने कहा कि जैन गणित भारतीय गणित की एक प्रमुख शाखा है और डीएवीवी इंदौर में स्थापित जैन गणित केंद्र डॉ. जैन के नेतृत्व में श्रेष्ठ कार्य कर रहा है। आश्वस्त हूं कि आगे भी श्रेष्ठ कार्य करते हुए अच्छी उपलब्धि अर्जित होगी। पुस्तक के बारे में कहा कि जैन गणित का यह ग्रंथ अत्यंत विशाल एवं महत्वपूर्ण है।
ई-बुक के रूप में होगी पुस्तक
हम इसे ई-बुक के रूप में प्रकाशित कर इसका लोकार्पण केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कर कमलों से दिल्ली में कराने का प्रयास करेंगे। कुलगुरु प्रो. सिंघई ने डॉ. जैन के इस कार्य की सराहना की और कहा कि जैन ने इस पुस्तक का सृजन कर जैन साहित्य और भारतीय गणित की अनुपम सेवा की है। इस कार्य के लिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए। डॉ अनुपम ने कहा कि गुरु जनों के आशीर्वाद और मित्रों की शुभकामनाओं से 45 वर्ष पूर्व मन में लिए गए संकल्प की पूर्ति आज हुई है। गणिनी ज्ञानमती माताजी ने आशीर्वचन में कहा कि अयोध्या जैन गणित की उद्भव भूमि है क्योंकि, सर्वप्रथम यहीं पर भगवान ऋषभदेव ने अपनी पुत्री सुंदरी को अंक विद्या की शिक्षा दी थी। मैं प्रसन्न हूं कि मेरे शिष्य डॉ.अनुपम ने यह ग्रंथ लिखकर जैन साहित्य की महती सेवा की है।
कार्यक्रम में यह अतिथि और समाजजन उपस्थित थे
आर्यिका चंदनामति माताजी ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर तीर्थंकर ऋषभदेव विद्वत महासंघ एवं भारतीय ज्ञान परंपरा जैन गणित केंद्र इंदौर द्वारा आयोजित भारतीय ज्ञान परंपरा एवं जैन साहित्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी हुई और जैन गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान कार्य के लिए डॉ. अनुपम जैन द्वारा प्रायोजित वर्ष 2025 का महावीराचार्य पुरस्कार फर्ग्यूसन कॉलेज पुणे के गणित एवं खगोल विज्ञान के पूर्व व्याख्याता आरएस शाह पुणे को प्रदान किया गया। समारोह की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सिंघई ने की एवं प्रोफेसर जीएस मूर्ति नई दिल्ली, मुख्य अतिथि एवं प्रोफेसर वीके जैन कुलपति तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद विशेष अतिथि थे। समारोह में पीठाधीस स्वामी रविंद्र कीर्तिजी हस्तिनापुर, अनिलकुमार जैन, विजय कुमार जैन, प्रोफेसर एस सी अग्रवाल, प्रोफेसर ज्योति सिंघई भोपाल, उषा पाटनी डॉ सविता जैन एवं निशा जैन इंदौर आदि गणमान्य विद्वतजन उपस्थित थे।













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