जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक सोमवार को सिहोनिया शांतिनाथ अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर में मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक और विश्व शांति के लिए शांतिधारा की गई। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक सोमवार को सिहोनिया शांतिनाथ अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर में मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक और विश्व शांति के लिए शांतिधारा की गई। सोमवार को जैन मंदिर में प्रातः से श्रावक-श्राविकाओं का आना शुरू हो गया था। भगवान शांतिनाथ के जन्म, तप मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सुख, समृद्धि, मोक्ष प्राप्ति ओर विश्व शांति के लिए महामस्ताकाभिषेक और शांति धारा की गई। सोमवार को भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण कांड सामूहिक बोलकर लाडु और नारियल श्री सम्मेदशिखर जी की कुंद प्रभकूट की कल्पना कर भगवान के श्रीचरणों में अर्पितकर भगवान से प्रार्थना की गई।
आसपास के इलाकों से सैकड़ों भक्तजनो का दर्शन के लिए तांता लगा रहा। आयोजन के संरक्षक जिनेश जैन ने सिहोनिया शांतिनाथ अतिशय क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2027 का चातुर्मास आचार्य वसुनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में होगा। भव्य पंचकल्याणक किया जाएगा। 2027 तक ये क्षेत्र भव्य स्वरूप ले लेगा। सभी लोगों से अपील की गई है कि विकास के लिए सहयोग करें। सोनू मित्र मंडल और अतिशय क्षेत्र कमेटी की तरफ से भोजन और यातायात की निशुल्क व्यवस्था की गई।













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