समाचार

13 व 14 मार्च को सिद्धवरकूट में वार्षिक मेले का आयोजनः अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ

Oplus_16908288

साढ़े तीन करोड़ मुनिराजों की पावन निर्वाण स्थली सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट मार्च में वार्षिक मेले में सानिध्य देने हेतु अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी का 12 मार्च को क्षेत्र में मंगल प्रवेश हुआ। अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज का जन्म स्थान निमाड़ के पिपलगोन का है। सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट निमाड़ में ही स्थित है। पढ़िए सिद्धवरकूट, बड़वाह की यह पूरी खबर…


सिद्धवरकूट (बड़वाह) दो चक्री दस कामकुमार मुनिराज सहित साढ़े तीन करोड़ मुनिराजों की पावन निर्वाण स्थली सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट 13 व 14 मार्च को वार्षिक मेले में सानिध्य देने हेतु अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज का 12 मार्च को क्षेत्र में मंगल प्रवेश हुआ।

अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज का जन्म स्थान निमाड़ के पिपलगोन का है। सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट निमाड़ में ही स्थित है।

 

अगवानी कर उनका पाद प्रक्षालन किया 

सिद्धवरकूट क्षेत्र कमेटी के प्रचार संयोजक राजेन्द्र जैन महावीर ने बताया कि क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार सिंह कासलीवाल, महामंत्री विजय काला, कैलाश जैन, बड़वाह, अरुण पहाड़िया, प्रमोद जैन, कमल जैन संगीतकार, अक्षय सराफ, संजय जैन, कविंद्र काला आदि ने मुनिश्री की अगवानी कर उनका पाद प्रक्षालन किया।

मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न

मुनिश्री ने सभी मंदिर के दर्शन कर मूलनायक श्री संभवनाथ भगवान मंदिर में अपने मुखारविंद से विश्व शांति हेतु शांतिधारा सम्पन्न कराई।

अभूतपूर्व विकास कमेटी की सक्रियता का परिचायक 

कई वर्षों के बाद क्षेत्र पर आने के बाद वहां के विकास को देखकर मुनिश्री ने कहा कि क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास कमेटी की सक्रियता का परिचायक है। क्षेत्र पर जो विकास हुआ है उससे क्षेत्र की दशा और दिशा दोनों बदल गए है, क्षेत्र का मुख्य द्वार पूर्वाभिमुख होने से वास्तु अनुरूप हो गया है। प्राचीनता को बरकरार रखकर किया गया विकास सराहनीय है।

 

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
9
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page