अनवी ने अपना जन्मदिन मानवीय सेवा कर के अपने पापा रानू और मम्मी शिल्पी के साथ झोपड़पट्टी में जाकर सभी को खाना खिलाया और सरकारी अस्पताल अंबाह में जाकर फल और कंबल वितरित किए। पढ़िए एक रिपोर्ट…
अंबाह। अनवी ने अपना जन्मदिन मानवीय सेवा कर के अपने पापा रानू और मम्मी शिल्पी के साथ झोपड़पट्टी में जाकर सभी को खाना खिलाया और सरकारी अस्पताल अंबाह में जाकर फल और कंबल वितरित किए। अनवी ने अपने जन्म दिवस के विशेष अवसर पर एक अद्भुत पहल की। इस नेक कार्य का उद्देश्य ठंड के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता करना और उनके चेहरों पर मुस्कान लाना था।
रानू जैन किताब वाले और शिल्पी जैन अपने बच्चों को जन्मदिन ऐसे ही मानवीय सेवा करके मनाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। उन्होंने अपनी बेटी का जन्मदिन इस सेवा के माध्यम से मनाने का निर्णय लिया। उनके साथ उनके परिवारजन और उनके चाचा, चाची भी उपस्थित रही।जन्म दिवस के इस अवसर को चाची ने मानवता की सच्ची सेवा बताया और इसे ईश्वरीय कार्य के रूप में मान्यता दी। इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव और सेवा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।













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