सर्वतोभद्र महामंडल विधान के अन्तर्गत परम पूज्य पवित्रमति माताजी के सानिध्य में समोशरण में विराजमान प्रतिमाओं की शांतिधारा और अभिषेक किया गया। भरत चक्रवति सुभाष नानावटी, सौधर्म इन्द्र कैलाश पिण्डारमिया, कुबेर इन्द्र राजेश पिण्डारमिया एवं समस्त इन्द्र व मंडलेश्वर राजाओं ने अभिषेक किया। पढ़िए एक रिपोर्ट…
नौगामा। सर्वतोभद्र महामंडल विधान के अन्तर्गत परम पूज्य पवित्रमति माताजी के सानिध्य में समोशरण में विराजमान प्रतिमाओं की शांतिधारा और अभिषेक किया गया। भरत चक्रवति सुभाष नानावटी, सौधर्म इन्द्र कैलाश पिण्डारमिया, कुबेर इन्द्र राजेश पिण्डारमिया एवं समस्त इन्द्र व मंडलेश्वर राजाओं ने अभिषेक किया। विधान में देव शास्त्र गुरू की पूजन बाल ब्रह़चारी अनिल भैया, विधानाचार्य रमेश गांधी व वीणा दीदी, प्रियंका दीदी के निर्देशन में सर्वतोभद्र पूजन के अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर गीतकार राजेश के स्वर लहरियों के साथ बड़े भक्ति भाव से गरबा नृत्य करते सभी ने अर्घ्य चढ़ाए। विधान में उदासीन आश्रम, प्रतिभा स्थली से दीदीयों का आगमन हुआ। उन्होंने आचार्य विद्यासागरजी महाराज के प्रकल्प में हैंडलुम, प्रतिभास्थली के बारे में जानकारी देते हुए अपने बच्चों को भेजने का आह्वान किया। इस दौरान बाहर से पधारे इंदौर, हाटपिपलीया, उज्जैन, मंदसौर, खांदुकॉलोनी, परतापुर, मंडी बामोरा के श्रद्धालुओं ने माताजी को श्रीफल व शास्त्र भेंट किया।
शोभायात्रा निकाली
पिच्छीका परिर्वतन प्रारंभ में आदिनाथ जिन मंदिर से भव्य रथयात्रा निकली। बग्घियों में पिच्छिकाओं को रखकर गाजे-बाजे के साथ आचार्य विद्यासागरजी महाराज के जयकारों के साथ शोभायात्रा विधान मंडप स्थल पर पहुंची। जहां जैन पाठशालाओं की बालिकाओं ने मंगलाचरण किया एवं जैन पाठशाला के बच्चों ने समूह पिच्छी परिवर्तन गीत पर नृत्य किया। आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की पूजन के अष्ट द्रव्य थाल सजाकर बडे भक्ति भाव से नाचते गाते महिला मंडल, बालिका मंडल, बहु मंडल व चातुर्मास कमेटी ने अर्घ्य चढ़ाए। आयोजन में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, सुयश अशोक नगर, मोनू भैया मुंगावली, विजय भैया का आगमन होने पर चातुर्मास कमेटी ने स्वागत अभिनंदन किया। साथ ही आसपास के गांवों के श्रेष्ठीजनों ने श्रीफल भेंट कर अपने नगर आगमन को लेकर आर्यिका संघ से निवेदन किया। रिमोट से चलने वाली गाड़ी से जब प्रथम पिच्छिका मंच तक पहुंची तो सयंम धर्म की जयकारा के साथ सभी ने अभिवादन किया।
आर्यिका पवित्रमति माताजी ने कहा संयम का उपकरण पिच्छिका वही भाग्याशाली परिवार प्राप्त कर रहा है जो व्रत, सयंम व नियमों का पालन कर अपने जीवन के मार्ग को आगे बढाते हुए मोक्ष मार्ग की ओर जाएगा। प्रथम पिच्छिका देने का सौभाग्य पंचोरी केसरीमल पुत्र शांतिलाल, दूसरी पिच्छिका नानावटी नीलेश पुत्र मोहनलाल व तीसरी पिण्डारमिया मोहनलाल जैन विरोदय ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष प्राप्त ने किया। आर्यिका पवित्रमति माताजी की पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य पिण्डारमिया जीतमल जैन व चमेली देवी, आर्यिका करणमति माताजी की पिच्छिका सुरेश पंचोरी व विणा पंचोरी, गरिमा मति माताजी की पिच्छिका अश्विन नानावटी व अर्चना को पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने पूण्यार्जन किया।
इस अवसर पर जिन दान दाताओं ने दान राशि बोली वे गांधी राजेन्द्र कुमार उपाध्यक्ष, महेन्द्र गांधी, डॉ. अजित गांधी, पंचोरी संदीप विनोद, विपुल लक्ष्मीलाल व नितेश मीठालाल पिण्डारमिया ने चातुर्मास कमेटी को भेंट की। इस दौरान महाआरती करने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले पूण्यार्जक पंचोरी विपुल कुमार पुत्र लक्ष्मीलाल परिवार के निवास से गाजे-बाजे के साथ महाआरती थाल सजाकर विशाल शोभायात्रा पंडाल पहुंची। जहां पर भक्ति भाव से महाआरती की गई। चातुर्मास कमेटी का दिगम्बर जैन समाज नौगामा की ओर से श्री कमेठी निलेश जैन, उपाध्यक्ष राजेन्द्र गांधी, नरेश पिण्डारमिया एवं भोजन व्यवस्थापक विमल जैन, श्रीपाल जैन का श्री समाज नौगामा द्वारा दुपटटा, हार व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।













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