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वीर झूले पलने में आज .... हर्ष छाया है : वीर जन्मवांचन एवं श्री चन्द्रप्रभु जिनालय जन्मोत्सव का हुआ आयोजन 


श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के अंतर्गत पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के पंचम दिवस पर साध्वीवर्या विरागयशाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 3 की निश्रा में वीर जन्मवांचन एवं श्री चन्द्रप्रभु जिनालय जन्मोत्सव का आयोजन स्थानीय पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन में हुआ। अध्यात्म उत्सव चातुर्मास समिति के कोषाध्यक्ष सोनव वागरेचा ने बताया कि सर्वप्रथम प्रातः 9 बजे कुमारी बालिकाओं द्वारा जाजम बिछाने की क्रिया पूर्ण की गई। पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट…


 नागदा जंक्शन। श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के अंतर्गत पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के पंचम दिवस पर साध्वीवर्या विरागयशाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 3 की निश्रा में वीर जन्मवांचन एवं श्री चन्द्रप्रभु जिनालय जन्मोत्सव का आयोजन स्थानीय पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन में हुआ। अध्यात्म उत्सव चातुर्मास समिति के कोषाध्यक्ष सोनव वागरेचा ने बताया कि सर्वप्रथम प्रातः 9 बजे कुमारी बालिकाओं द्वारा जाजम बिछाने की क्रिया पूर्ण की गई। उसके पश्चात् वीर जन्मवांचन महोत्सव अंतर्गत मुनीमजी, चौदह स्वप्न दर्शन, पालनाजी, भगवान को विराजमान करने, अष्टप्रकारी पूजन एवं प्रधानविजयजी गुरूदेव के अष्टप्रकारी पूजन तथा आरती के चढ़ावे सम्पन्न हुए।

प्रधानविजयजी गुरुदेव की आरती का चढ़ावा पहली बार हुआ। सानन्द चल रहे 25वें चातुर्मास में साध्वीवर्या ने जन्मवांचन का पाना सुनाकर प्रभु महावीर का जन्मोत्सव सकल श्रीसंघ के साथ मनाया। पालनाजी का लाभ राजेशजी आदित्य कोठारी परिवार द्वारा लिया गया। श्रीसंघ के पूर्वअध्यक्ष सुनील वागरेचा, सोनव वागरेचा, आशीष चौधरी, अभिषेक कोलन ने भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल धर्ममय बनाया। जन्मवांचन पश्चात् जुलूस के रूप में पालनाजी लाभार्थी परिवार के घर लेकर श्रीसंघ एवं साध्वीमंडल पहुंचे। प्रभावना का लाभ संजयकुमार मनोहरलाल वागरेचा परिवार द्वारा लिया गया। दोपहर 2.30 बजे से श्रीचन्द्रप्रभु जिनालय जन्मोत्सव मनाया गया। जिसके अन्तर्गत भगवान के मुनीम, वार्षिक अष्टप्रकारी चढ़ावे, विभिन्न आरतियों के चढ़ावे किये गये।

रात्रि 9 बजे से श्रीचन्द्रप्रभु जैन संगीतमंडल एवं रत्नराज ग्रुप द्वारा भव्यातिभव्य अंगरंचना व भक्ति का आयोजन हुआ। जिसमें समाज के लोगो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। भक्ति के दौरान लक्की ड्रा का लाभ श्री रत्नराज ग्रुप, चन्द्रप्रभु पेढ़ी ट्रस्ट, महावीर जैन संगीत मंडल एवं मुरडिया परिवार ने लिया।

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