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गुरू मैया आज मेरी कुटिया में आई है.... : साध्वीवृन्द का हुआ भव्य चातुर्मासिक नगर प्रवेश


श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के अन्तर्गत इस वर्ष परम पूज्य आचार्य देवेश वर्तमान गच्छाधिपति हितेशचन्द्रसूरिश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती साध्वीवर्या श्री विरागयशाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 3 का चातुर्मास हेतु नगर में मंगल प्रवेश हुआ। सर्वप्रथम श्रीसंघ की नवकारसी का आयोजन स्थानीय पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन पर हुआ। उसके पश्चात् प्रातः 9 बजे जन्मेजय मार्ग से मंगल प्रवेश प्रारम्भ हुआ जोकि नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित श्रीपार्श्व प्रधान पाठशाला भवन में धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हुआ। पढ़िए यह रिपोर्ट…


नागदा जंक्शन। श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के अन्तर्गत इस वर्ष परम पूज्य आचार्य देवेश वर्तमान गच्छाधिपति हितेशचन्द्रसूरिश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती साध्वीवर्या श्री विरागयशाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 3 का चातुर्मास हेतु नगर में मंगल प्रवेश हुआ। सर्वप्रथम श्रीसंघ की नवकारसी का आयोजन स्थानीय पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन पर हुआ। उसके पश्चात् प्रातः 9 बजे जन्मेजय मार्ग से मंगल प्रवेश प्रारम्भ हुआ जोकि नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित श्रीपार्श्व प्रधान पाठशाला भवन में धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हुआ। वरघोड़े के अन्तर्गत सर्वप्रथम समाज की महिलाएं अपनी पारम्परिक वेशभूषाओं में सिर पर अष्टमंगल कलश ध्धारण किये हुए कतारबद्ध आगे चल रही थी।

उसके पश्चात् बैंड की धुन पर थिरकता हुआ युवावर्ग साध्वीश्री के आगमन को लेकर उत्साहित था। तत्पश्चात् पुरूष वर्ग एवं साध्वीवर्या महिला मण्डल के साथ चल रही थी। सम्पूर्ण समाजजनों ने प्रवेश को लेकर काफी उत्साह का माहौल देखा गया। प्रत्येक घर से महिलाएं घर-आंगन में साध्वीवृन्द के लिये अक्षत की गवली लिये खड़ी थी। प्रवेश के अवसर पर स्थानीय विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, वैश्य महासम्मेलन तहसील अध्यक्ष बसंत मालपानी, नगर पालिका सभापति प्रकाश जैन विश्व हिन्दू परिषद् के भेरूलाल टांक, जीवदया प्रेमी जीवन लाल जैन चाय वाले,एवं नगर की संस्थाओं के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रथम गवली करने का लाभ राजमल राकेश कुमार नांदेचा ओरा प्रेमभाव, सामैय्या कलश एवं अक्षत व चांदी फूलों से वधाने का लाभ नुतनबेन प्रकाशजी सालेचा व्होरा परिवार द्वारा लिया गया। धर्मसभा के दौरान सर्वप्रथम पूर्व अध्यक्ष हेमन्त कांकरिया द्वारा गुरुवन्दन की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात् साध्वीवर्या का मंगलाचरण हुआ। संघ अध्यक्ष राजेश धाकड़, संघ सचिव मनीष सालेचा व्होरा एवं मालवकेशरी चातुर्मास समिति 2024 अध्यक्ष मुकेश कोचर ने स्वागत उद्बोधन दिया। स्वागत गीत की प्रस्तुति निर्मला कोचर एवं सुनीता छोरिया द्वारा दी गई।

संचालन कर रहे श्रीसंघ पूर्व अध्यक्ष सुनील वागरेचा ने धर्मसभा में बताया कि यह निरन्तर 25वां चातुर्मास श्रीसंघ के अन्तर्गत सम्पन्न होने जा रहा है। कार्यक्रम में चढ़ावो की प्रस्तुति सोनव वागरेचा एवं आशीष चौधरी द्वारा संगीतमय दी गई। चातुर्मासिक कुंभ स्थापना का लाभ मुकेश कुमार रावतमल कोचर, चातुर्मासिक अखण्ड ज्योत का लाभ भंवरलाल राजेशकुमार धाकड़ एवं कामली अर्पण व गुरूपूजन का लाभ हेमन्तकुमार सुरेन्द्रकुमार कांकरिया परिवार द्वारा लिया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार चातुर्मास समिति सचिव शैलेन्द्र छोरिया द्वारा किया गया। धर्मसभा के पश्चात् श्रीसंघ के स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ।

जानकारी देते हुए मालवकेशरी चातुर्मास समिति 2024 के कोषाध्यक्ष सोनव वागरेचा ने बताया कि चार माह हेतु धर्म आराधना का क्रम 20 जुलाई चातुर्मासिक चौदस से प्रारम्भ हो जावेगा। जिसमें प्रतिदिन प्रातः 9.15 से 10.15 बजे तक साध्वीवर्या के प्रवचन होंगे। चातुर्मास के दौरान कई आराधनाएं एवं तप जैसे कि प्रतिदिन आयंबिल, साखली अठ्ठम तप, शंखेश्वर पार्श्वनाथ तेले, नमस्कार महामंत्र अराधना, पयूर्षण महापर्व आराधना इत्यादि होंगी।

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