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सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन : प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा


श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एंक्लेव, कमला नगर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन के श्री आदिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ l सिद्ध चक्र विधान के अंतर्गत बाल ब्र. सुनील भैया जी (इंदौर) ने बताया कि सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धों की आराधना की जाती है। सिद्ध भगवान आठ कर्मों से रहित होते हैं। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


आगरा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एंक्लेव, कमला नगर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन के श्री आदिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ l सिद्ध चक्र विधान के अंतर्गत बाल ब्र. सुनील भैया जी (इंदौर) ने बताया कि सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धों की आराधना की जाती है। सिद्ध भगवान आठ कर्मों से रहित होते हैं। संसारी जीव कर्मों के चक्र में फंसकर दुखी होता है और वह संसार में भटकता रहता है। प्रभु की आराधना प्रभु बनने के लिए की जाती है। भगवान की भक्ति कभी बेकार नहीं जाती। यदि नारकी जीव भी भगवान की भक्ति करता पशु पक्षी भी करते हैं देवता भी करते हैं किसकी भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती।

भक्ति में श्रद्धा जयादा और प्रर्दशन कम होना चाहिये। श्रद्धा हनुमान जी की तरह होनी चाहिये। श्री राम के प्रति पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था। समर्पण का नाम ही श्रृद्धा है, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा। भक्ति करते रहो एक ना एक दिन प्रभु ज़रूर मिलेंगे l

आज विधान में 128 अर्घ्य चढ़ाये गए l ये अर्घ्य 128 अर्घ्य कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाये जाते हैं l आज पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियों ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया l संगीतमय विधान में रामकुमार पार्टी भोपाल से पधारे संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इन्द्रों और इन्द्रणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।

विधान मे बैठने वाले जगदीश प्रसाद, अभिषेक जैन सुभाष जैन, दिनेश जैन, अमित जैन, मुकेश रपरिया, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सहित व्यवस्था समिति शालीमार सहयोग दे रही है l मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि कल श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ सुबह 7 बजे से अभिषेक एवं विधान एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे l

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Shreephal Jain News

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