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त्रिलोकतीर्थधाम में मनाया गया सन्मतिसागर समाधि स्मृति दिवस   धूमधाम से मनाई गई विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि  


त्रिलोकतीर्थ दिगम्बराचार्य विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज का समाधि स्मृति दिवस त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव (बागपत) में 17 मार्च को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। पढि़ए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…     


बड़ागांव। त्रिलोकतीर्थ दिगम्बराचार्य विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज का समाधि स्मृति दिवस त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव (बागपत) में 17 मार्च को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। श्री त्रिलोकतीर्थ धाम कमेटी के कार्याध्यक्ष महेंद्र जैन मधुवन द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार आचार्य शांतिसागर महाराज छाणी परंपरा के पंचम पट्टाचार्य राष्ट्रऋषि, सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ प्रणेता आचार्य विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज का गुरुसमाधि स्मृति दिवस महोत्सव विश्व की प्रथम अलौकिक कृति त्रिलोकतीर्थ धाम में ऐलाचार्य श्री त्रिलोकभूषण महाराज, ऐलाचार्य श्री प्रभावना भूषण महाराज, आर्यिका चंद्रमती माताजी, मुक्तिभूषण माताजी, दृष्टिभूषण माताजी, अनुभूति भूषण माताजी सहित अनेकों साधु संत एवं ब्रह्मचारी भैयाजी एवं दीदियों के पावन सान्निध्य में मनाया गया।

अतिश्य क्षेत्र बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम में रविवार को आचार्य विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। अनुष्ठान में बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी शामिल हुए तथा गुरु समाधि पर पुष्प अर्पित किए। वहीं जैन संत और साध्वियों ने उन्हें आशीर्वाद दिया। अनुष्ठान सुबह पारस प्रभु की पूजा-अर्चना और अभिषेक के साथ शुरू हुआ। ब्रह्मचारी नवीन भईया ने मंडप और गुरु समाधि का मंत्रों सहित जल और पीली सरसों से शुद्धिकरण किया। नरेश जैन, मोहित जैन और रोहित जैन ने संयुक्त रूप में दीप प्रज्वलित किया। सुशील जैन, अमित जैन, हर्षित जैन, श्यामलाल जैन, आदेश जैन, सिद्धार्थ जैन, उमेश जैन, वरुण जैन ने पारस प्रभु और विद्या भूषण सन्मति सागर महाराज के चित्रों का अनावरण किया।

 इस दौरान गजराज गंगवाल ने विद्याभूषण सन्मतिसागर जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला। विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज जैन समाज के प्रमुख संत थे। त्रिलोक तीर्थ धाम के वही प्रेरणास्त्रोत थे। उनके मार्गदर्शन में ही विश्व की यह अनोखी कृति बनी है। देश के साथ ही विदेश के श्रद्धालु भी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सन् 2013 में उनकी समाधि हो गई थी। धर्मावलम्बियों ने महाराज की समाधिय पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प अर्पित कर उनकी पूजा की। ब्रह्मचारी नवीन भईया ने मंत्रोचार के जरिए पूजन कराया। मनमोहक संगीत की प्रस्तुति हुई। भावना म्यूजिक पार्टी ने भक्ति संगीत लहरी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रीता सिंह, राजेंद्र जैन, संजय जैन, पीयूष जैन, ऋतु जैन मुख्य अतिथि रहे महेंद्र जैन, त्रिलोक जैन आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।

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