समाचार

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में 30 दिसंबर से आयोजित होगा : धनवान और यश कमाकर निर्वाण प्राप्त करने के लिए भाग लें श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में


श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान समिति की ओर से आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज के सानिध्य में आगामी 30 दिसंबर से 7 जनवरी तक श्री दिगम्बर जैन नव ग्रह मंदिर ग्रेटर बाबा परिसर में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान समिति की ओर से आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज के सानिध्य में आगामी 30 दिसंबर से 7 जनवरी तक श्री दिगम्बर जैन नव ग्रह मंदिर ग्रेटर बाबा परिसर में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा।

यह होता है लाभ

आगम के अनुसार श्री कल्पद्रम पूजा चक्रवर्ती करता है। इस समय जो श्रावक चक्रवर्ती बनकर पूजा करता है, वह स्वयं भविष्य में साक्षात चक्रवर्ती बनता है। श्री कल्पद्रुम महामंडल में 24 पूजा होंगी और 2,496 अर्घ्य दिए जाएंगे। तीर्थंकर के धर्म उपदेश के स्थान समवशरण में स्थित चैत्यालय, मानस्तंभ आदि का पूजन और सहस्त्र नाम के 1008 अर्घ्य की आराधना की जाएगी। चक्रवर्ती श्री कल्पद्रुम विधान के बाद श्रावक किमिच्छक (मुंहमांगा) दान करता है। इसी के प्रभाव से धनवान और यश कमाकर निर्वाण प्राप्त करता है। श्री कल्पद्रुम विधान से 9 ग्रह 12 राशि 27 नक्षत्रों की पीड़ा से शांति मिलती है।

ऐसे बन सकते हैं पुण्यार्जक

श्री कल्पद्रुम विधान में मुख्य चक्रवर्ती वार्ता के आधार पर बनाया जाएगा। चक्रवर्ती बनने के लिए 31000 रुपए, श्रावक(दो व्यक्ति) के लिए 5100 रुपए, श्रावक (एक व्यक्ति) बनने के लिए 2500 रुपए की राशि देनी होगी। सम्पूर्ण विधान की पूजन साम्रगी देने का पुण्य लाभ लेने के लिए 2 लाख रुपए दान देने होंगे। वहीं एक दिन की पूजन साम्रगी के लिए 21000, मंगल कलश स्थापना के लिए11000 रुपए, एक ध्वजा स्थापना के लिए 5100 रुपए की राशि निर्धारित की गई है। ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन का लाभ वार्ता के आधार लिया जा सकेगा।

अनुष्ठान सह भागी बनने के लिए संपर्क

विधान में सहभागी बनने के लिए 9460155006 (तुष्टि जैन), 9669454000 (नरेन्द्र वैद), 9827233631 (हितेश कासलीवाल), 7354420492 (देवेन्द्र सोगानी), 9425317176 (ऋषभ पाटनी), 9424885005 (चन्द्र प्रकाश गोधा), 9584868476 (गजेन्द्र जैन), 9713030502 (विकास जैन), 9977161212 (कमलेश जैन), 9098392560 (संजय जैन), 9691860086 (गुंजन पाटोदी), 9425102450 (दिलीप लुहाड़िया), 9425350981(कैलाश लुहाड़िया),9303243347 (इन्द्र कुमार सेठी ),
9926496121 (प्रफुल्ल जैन) से संपर्क किया जा सकता है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
7
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page