ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में चतुर्मासरत जैनाचार्य ज्ञेयसागर महाराज एवं संघस्थ अन्य सभी साधुओं का ज्ञानतीर्थ मुरैना से सोनागिर की ओर मंगल पद विहार हुआ। आचार्य श्री द्वारा तीन त्यागिव्रती महिलाओ को जैन साध्वी के संस्कार कराकर आर्यिका दीक्षाएं प्रदान की जायेगी। पढ़िये मनोज नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में चतुर्मासरत जैनाचार्य ज्ञेयसागर महाराज एवं संघस्थ अन्य सभी साधुओं का ज्ञानतीर्थ मुरैना से सोनागिर की ओर मंगल पद विहार हुआ। श्री ज्ञानज्ञेय वर्षायोग समिति ज्ञानतीर्थ के मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि परम पूज्य सराकोद्धारक षष्ट पट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य सप्तम पट्टाचार्य ग्येयसागर महाराज ससंघ लगभग छः माह पूर्व ज्ञानतीर्थ पर चातुर्मास के लिए पधारे थे। पूज्य श्री के पांच माह के चातुर्मास काल में अनेकों धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम हुए । जिसमें कलश स्थापना, शिक्षक सम्मेलन, बैंकर्स सम्मेलन, शांतिनाथ विधान, पिच्छिका परिवर्तन, स्वतंत्रता दिवस, सिद्धचक्र विधान आदि प्रमुख कार्यक्रम थे। भगवान महावीर निर्वाण दिवस पर चातुर्मास निष्ठापन हुआ और विगत दिवस महाराज जी ने अपने शिष्यों के साथ ज्ञानतीर्थ मुरैना से सोनागिर की ओर मंगल पद विहार किया। आचार्य श्री ग्येयसागर महाराज के साथ मुनिश्री ज्ञातसागर महाराज, मुनिश्री नियोगसागर महाराज, क्षुल्लक श्री सहजसागर जी महाराज भी पद विहार कर रहे हैं।
जैन साध्वी के संस्कार कराएंगे
प्राप्त जानकारी के अनुसार आचार्य संघ के ग्वालियर, टेकनपुर, डबरा होते हुए 6 दिसंबर को सोनागिर पहुचने की संभावना हैं । शनिवार, 9 दिसम्बर को आचार्य श्री द्वारा तीन त्यागिव्रती महिलाओ को जैन साध्वी के संस्कार कराकर आर्यिका दीक्षाएं प्रदान की जायेगी।
गुरुमां गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का सानिध्य
बताया जाता है कि श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर, जिला दतिया में स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी विराजमान हैं। पूज्य माताजी के पावन सान्निध्य में ब्रह्मचारिणी बहिन गुंजन दीदी किरावली मैनपुरी, बिमला देवी एवम मधु जैन बासोद बागपत को आर्यिका दीक्षा प्रदान की जायेगी।













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