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गिरनार जी एवं अन्य तीर्थ स्थलों पर अतिक्रमण का मामला : की जाएगी देशव्यापी तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आन्दोलन की शुरुआत


रामलीला मैदान से 17 दिसंबर को जैन तीर्थंकर नेमिनाथ मोक्षस्थल गिरनार सहित जैन तीर्थों पर अवैध अतिक्रमण के विरोध में देशव्यापी तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आन्दोलन की शुरुआत की जाएगी। हजारों वर्ष प्राचीन महाभारतकालीन श्री कृष्ण के चचेरे भाई 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ के मोक्षस्थल गिरनार की पांचवी उर्जयंत टोंक पर जैन समाज वर्षों से पूजा-दर्शन करता आया है। उसे बदनाम करना अन्याय है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


 

नई दिल्ली। रामलीला मैदान से 17 दिसंबर को जैन तीर्थंकर नेमिनाथ मोक्षस्थल गिरनार सहित जैन तीर्थों पर अवैध अतिक्रमण के विरोध में देशव्यापी तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आन्दोलन की शुरुआत की जाएगी। विश्व जैन संगठन के विश्वास नगर, दिल्ली में स्थित मुख्य कार्यालय में आयोजित विशेष सभा में संगठन की मुख्य कार्यकारिणी और सहयोगी संस्थाओं ने एकमत होकर जैन तीर्थों के संरक्षण के लिए देशव्यापी तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ आंदोलन की घोषणा की। संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि गिरनार की पांचवी टोंक उर्जयंत पर 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ मोक्षस्थल पर पुरातात्विक विभाग और वन विभाग के नियमों की अवहेलना कर अवैध अतिक्रमण करने और पूर्व सांसद महेश गिरि द्वारा जैन समाज को डराने और धमकाने, बदनाम करने के विरुद्ध संगठन द्वारा 3 नवंबर की याचिका पर कार्यवाही न होने और अन्य जैन तीर्थों पर अवैध अतिक्रमण हटाकर संरक्षित कराने के लिए शांतिपूर्ण देशव्यापी जन आन्दोलन आरंभ होगा।

जैन समाज के बदनाम करने की साजिश

संजय जैन ने कहा कि हजारों वर्ष प्राचीन महाभारतकालीन श्री कृष्ण के चचेरे भाई 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ के मोक्षस्थल गिरनार की पांचवी उर्जयंत टोंक पर जैन समाज वर्षों से पूजा-दर्शन करता आया है लेकिन वर्ष 2004 में कुछ लोगों द्वारा जैन तीर्थों पर कब्जा करने की साजिश के तहत पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही से हाई कोर्ट के 17 फरवरी 2005 के आदेश की अवहेलना की गई। यहां अवैध अतिक्रमण कर जैनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की जा रही है। संगठन के संरक्षक गोल्डी जैन, उपाध्यक्ष यश जैन ने बताया कि पूर्व सासंद महेश गिरी द्वारा 7 अक्टूबर को प्रेस कांफ्रेंस, 28 अक्टूबर को सम्मलेन और 3 नवंबर को जारी वीडियो में जैन समाज को गिरनार यात्रा करने में हिंसा का डर दिखाने के साथ दो संप्रदाओं को आपस में लड़ाने, झूठे व भ्रामक तथ्यों पर जैन समाज को बदनाम करने की साजिश की गई। कोर्ट के आदेशों की भ्रामक जानकारी प्रचारित करना लोकतन्त्र में अल्पसंख्यक जैन समाज के साथ अन्याय है।

सहयोग का आश्वासन

महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका रुचि जैन, यमुनापार जैन समाज प्रवक्ता विराग जैन, शरद जैन ‘सांध्य महालक्ष्मी’, अशोक जैन ‘प्रिया एनक्लेव’, विपिन जैन ‘प्रिय’, सर्वोदय तीर्थ धारूहेड़ा से प्रद्युमन जैन ने भारत सरकार और गुजरात सरकार से मांग करते हुए कहा कि जैनों के साथ न्याय करते हुए गिरनार जी, खारवेल की गुफाओं जैसे प्राचीन जैन तीर्थों पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण करने वालों पर सख्त कार्यवाही न करने पर 17 दिसंबर से जन आन्दोलन में सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्रवाई की मांग

सभा को संगठन के मंत्री मनीष जैन, सह मंत्री राजीव जैन, आरटीआई सेल संयोजक सलेक चंद जैन, प्रचार मंत्री प्रदीप जैन, सहकोषाध्यक्ष मयंक जैन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन, सम्मानित सदस्य निपुण जैन, अनुज जैन, नीरज जैन, वीरेंद्र जैन कैथवाड़ा, देवेश जैन, जैनम फाउंडेशन से संदीप जैन, रत्नत्रय अभिषेक ग्रुप से दीपक जैन, विपुल जैन और संगठन के अन्य सदस्यों के साथ जैन समाज के अन्य लोगों ने गुजरात सरकार से तुरंत कार्यवाही की मांग की।

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