आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल की धरा पर प्रथम बार 108 पुरुषों द्वारा आचार्य श्री ससंघ के आहार की समुचित व्यवस्था की गई। इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि साधक हो या साधु, मां हो या पिता, भाई हो या बहन, गुरु हो या शिष्य अगर किसी को भी अपना मित्र बनाओ तो वह स्वार्थी नहीं, निस्वार्थी और सच्चा होना चाहिए। पढ़िए सुनील कुमार सेठी की रिपोर्ट…
गुवाहाटी। स्थानीय भगवान महावीर धर्मस्थल में विराजित असम के राजकीय अतिथि आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल की धरा पर प्रथम बार 108 पुरुषों द्वारा आचार्य श्री ससंघ के आहार की समुचित व्यवस्था की गई। इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि साधक हो या साधु, मां हो या पिता, भाई हो या बहन, गुरु हो या शिष्य अगर किसी को भी अपना मित्र बनाओ तो वह स्वार्थी नहीं, निस्वार्थी और सच्चा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मित्र एक ऐसा शब्द है जिसे सुनकर अपनत्व का अहसास होने लगता है। इससे पूर्व आज ओमप्रकाश-प्रभादेवी सेठी परिवार की ओर से संगीत लहरियो के साथ कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान पूजन का आयोजन किया गया। जिसमें पूजा ग्रुप, श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय(आठगांव), श्री चंद्रप्रभु चैत्यालय (रिहाबाड़ी), केदार रोड चैत्यालय आदि के सदस्यगण सहित समाज के सभी धर्मावलम्बियों ने विधान में सम्मिलित हो कर पुण्यार्जन किया।

नृत्य नाटिका का आयोजन
इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि यह कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान मोक्ष प्राप्ति का साधक है तथा सब कार्यों की सिद्धी व सब संकटों को हरने वाला होता है। इससे पूर्व आज प्रात: आचार्य श्री के मुखारविंद से श्रीजी की शांतिधारा करने का परम सौभाग्य ओमप्रकाश प्रभा देवी सेठी परिवार गुवाहाटी/बेंगलुरु एवं विजय कुमार मनबहार जैन परिवार अंबाला छावनी को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन महिला समिति द्वारा एवं प्रीति देवी सेठी के संयोजन में चंदनबाला कन्या मंडल की प्रस्तुति के द्वारा कृष्ण सुदामा नृत्य नाटिका का आयोजन किया गया। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सह संयोजक सुनील कुमार सेठी ने दी।













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