समाचार

31 वां पावन वर्षायोग कलश स्थापना समारोह सम्पन्न : वर्षायोग साधुओं- श्रावकों दोनों का होता है-आचार्य ज्ञानभूषण महाराज


वर्षायोग केवल श्रमणों का नहीं होता है, श्रावकों का भी होता है। जहां पर गुरुओं की वाणी से उनके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आता है। वर्षा योग की सार्थकता तभी है जब समाज में एक नई जागृति आए। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


फिरोजपुर झिरका। वर्षायोग केवल श्रमणों का नहीं होता है श्रावकों का भी होता है । जहां पर गुरुओं की वाणी से उनके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आता है। वर्षा योग की सार्थकता तभी है जब समाज में एक नई जागृति आए और बुजुर्गों के साथ युवा वर्ग भी धर्म और धार्मिक क्रियाओं में संलग्न होकर अपने जीवन की दशा और दिशा में परिवर्तन करें । उक्त प्रवचन भक्तों से खचाखच भरे हुए पंडाल में 21वीं सदी के वात्सल्य मूर्ति आचार्य श्री ज्ञान भूषण महाराज ने 31 में पावन वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में व्यक्त किए।

आचार्य श्री का यहां पांचवा वर्षायोग 

मनोज्ञ धाम कमेटी के अध्यक्ष दीपक जैन शैलू व जैन समाज फिरोजपुर झिरका के अध्यक्ष मुरारी लाल जैन के अनुसार आचार्य संघ में पांच सन्त विराजमान हैं । आचार्य श्री का यह फिरोजपुर झिरका में पांचवा वर्षायोग हो रहा है। इस अवसर पर धर्म वत्सल प्रभाविका क्षुल्लिका ज्ञान गंगा माताजी ने कहा कि फिरोजपुर वालों की धर्म की प्यास बहुत बड़ी है या उनका वात्सल्य का पात्र हर बार पूरा नही भर पाता है । इसी कारण इस धरा पर यह पांचवा वर्षायोग हो रहा है। कार्यक्रम में क्षुल्लक ऋजुभूषण, क्षुल्लिका ज्ञान वर्षा, ज्ञान वाणी,भारती दीदी भी उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय कवि कमलेश जैन बसन्त तिजारा ने कहा कि आचार्य श्री वात्सल्य से भरपूर भक्तों पर स्नेह बरसाने वाले सन्त हैं।

मंगल कलश हुए स्थापित

इस अवसर पर प्रथम व मुख्य कलश स्थापना करने का सौभाग्य दुलीचन्द जैन अभिषेक जैन साडोली वाले अलवर निवासी परिवार को प्राप्त हुआ तो वही अन्य कलश ज्ञानचंद मुकेश कुमार जैन अलवर वाले फरीदाबाद निवासी एवं हरिप्रसाद धीरज कुमार,गौरव कुमार फिरोजपुर झिरका परिवार द्वारा स्थापित किये गये। इस अवसर पर पाद प्रक्षालन दौलत कुमार अशोक जैन सीकरी व शास्त्र भेंट जगदीश जैन जिनेंद्र जैन फिरोजपुर झिरका परिवार द्वारा किये गये। इस अवसर पर सरला जैन अलवर, संजय जैन बड़जात्या कामां ने भी अपने विचार प्रकट किए। भव्य एवं सुसज्जित मंच पर आगंतुक अतिथियों का फिरोजपुर झिरका जैन समाज द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया तो वही वृक्षारोपण का संदेश भी वृक्ष भेंट कर दिया गया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई तो वही सास बहू मंडलों ने भी मनोरम प्रस्तुति प्रस्तुत की दिल्ली के संगीतकार पारस अम्बर ने मधुर संगीत लहरियों ने कार्यक्रम में समा बांध दिया।

आचार्य काम कुमार नंदी को दी श्रद्धांजलि

परम पूज्य आचार्य श्री कुन्थु सागर महाराज के शिष्य आचार्य काम कुमार नंदी महाराज की निर्मम हत्या करने पर जहां रोष प्रकट किया गया तो वही आचार्य संघ के सानिध्य में उपस्थित जैन समुदाय ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने एक स्वर से इस निर्मम हत्या कांड की भर्त्सना करते हुए कहा कि अतिशीघ्र जैन संतों की सुरक्षा की व्यवस्था सरकारों के द्वारा की जाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फिरोजपुर के साथ साथ दिल्ली, मोदीनगर, अलवर, कामां, जुरहरा, पलवल, कोसीकलां, होडल, नगीना, नोगावां, लक्ष्मणगढ़, रामगढ़, फरीदाबाद, पहाड़ी, बोलखेड़ा व दूर दराज से श्रावक व श्राविकाएं उपस्थित थे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page