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भक्तामर शिविर का शुभारम्भ : भक्तामर है गुणों की खान और भक्तों की जान – आचार्य विनम्र सागर


पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भक्तामर शिविर का शुभारम्भ प्रभावना पूर्वक हुआ। इसमें श्रावकों को उन्होने भक्तामर स्त्रोत की महिमा बताते हुए इसे अतिशयकारी बताया। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…


ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भक्तामर शिविर का शुभारम्भ प्रभावना पूर्वक हुआ। इसमें श्रावकों को उन्होने भक्तामर स्त्रोत की महिमा बताते हुए इसे अतिशयकारी बताया जिसकी आराधना और भक्ति को जीवन में कल्याणकारी है। भक्तामर को गुणों की खान और भक्तों की जान बताते हुए कहा तहे दिल से इसे जिसने गाए वह भगवान बन जाए तभी तो सभी की जान है भक्तामर। उन्होंने भक्तामर स्त्रोत की रचना और कारण के संबंध में बताया। सातवी शताब्दी में उज्जैन की धार नगरी में राजा भोज के समय आचार्य मानतुंग स्वामी ने जेल में प्रथम तीर्थेश आदिनाथ प्रभु की भक्तिपूर्वक आराधना संस्कृत में की। आचार्य श्री ने जीवन में गुरु की महिमा बताते हुए कहा भक्त कभी अपने गुरू का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता और कहा भक्तामर की उत्पत्ति का कारण भी बताया।

भक्तों ने अर्घ्य समर्पित किए 

आज प्रातःकाल बुद्धि, सिद्धि,समृद्धि प्रदायक सर्वविग्न विनाशक महामृत्युंजयी भक्तामर शिविर का शुभारम्भ आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भगवान के अभिषेक शान्तिधारा मुनि विज्ञसागर महाराज के मुखारविन्द से पुण्यार्जक परिवार ने की। शिविर का ध्वजारोहण सुनील कुमार नीलेश समैया परिवार ने किया जबकि आचार्य श्री के पादप्रक्षालन विधान पुण्यार्जक सवाई सिघई शीलचंद राजीव अनौरा परिवार द्वारा किया गया। संगीतमय पूजन के उपरान्त विधान पं. जयकुमार जैन सेरोन ने भक्तिपूर्वक सम्पन्न कराया जिसमें महिलामण्डल सहित उपस्थित भक्तजनों ने अर्घ्य समर्पित किए।

48 दीपों से सर्वसिद्धि मंत्रों द्वारा आरती

महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने संचालन करते हुए आचार्य श्री के सानिध्य में भक्तामर शिविर का आयोजन ललितपुर के लिए गौरव के क्षण बताया जिसके माध्यम से श्रावक भक्तामर स़्त्रोत के सही उच्चारण और महिमा को आसानी से समझ सकेगा। गौरतलब रहे आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज एवं संघस्थ मुनि विज्ञ सागर महाराज, विनंद सागर महाराज, मुनि श्री विनुत सागर महाराज, मुनि श्री शुभ सागर महाराज, मुनि श्री विश्वधीर सागर महाराज, मुनि श्री विश्वमित सागर महाराज, आर्यिका विमल श्री माता, आर्यिका विनेह श्री माता, वितप श्री माता जी, विसम श्री माता, विपुल श्री माता, विमुद श्री माता, विभव्य श्री माता, विशर्व श्री माता, प्रमा श्री माता का ललितपुर में चातुर्मास स्थापित होने से जैन अटामंदिर में मुनि एवं आर्यिका संघ के माध्यम से अपूर्व प्रभावना हो रही है और श्रावक उनके सानिध्य में ज्ञानार्जन कर रहे हैं। आज सायंकाल भक्तामर शिविर की महाआरती विधान पुण्यार्जक अनौरा परिवार के आवास से प्रारम्भ हुई जो प्रभावना के साथ अटामंदिर पहुची जहां प्रभुचरणों में 48 दीपों से सर्वसिद्धि मंत्रों द्वारा भक्तिपूर्वक आरती हुई।

इस मौके पर मंदिर प्रबंधक कपूरचंद लागौन धार्मिक संयोजक मनोज जैन बबीना, अखिलेश गदयाना, आनंद जैन अमित गारमेंट, मीना इमलिया, राजेन्द्र जैन थनवारा, कोमल दादा मडवारी, अक्षय अलया, प्रेमचंद विरधा, रामप्रकाश जैन संजीव जैन ममता स्पोर्ट, आनंद धनगौल, अमिताभ जैन जैनिथ, गेंदालाल सतभैया का. जिनेन्द्र जैन, चंदन सिंघई चचंल पहलवान अनंत सराफ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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