निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना प्रायश्चित है। पढ़िए शुभम जैन की यह विशेष रिपोर्ट….
आगरा। जुलाई को हरीपर्वत स्थित श्री एम.डी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड में निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे चारों तरफ जो चमचे हैं, उनकी चाटुकारता से अपने को बड़ा मानते हैं। पार्टी के टिकट पर अपने आपको जीता हुआ मत मानना।
विपक्ष की नजर में हम क्या हैं, विपक्षी पार्टी विरोधी को वोट दे, तब आप महान हैं। विरोधियों से प्रशंसा सुनना है। अपनों ने कभी अपने को बुरा कहा है। अपराधी किसी को पता नहीं फिर भी यह सजा लेव, सजा को अहोभाग्य मान कर अब स्वीकार कर लेते तब यह फांसी की सजा भी स्वीकार कर ले तो वह उनको सजा को माफ हो जाएगी, मरने के बाद कहां गये। मरने के बाद दुर्गति हुई या स्वर्ग में गए ये पता करने का तरीका है यदि मरने के बाद वह जहां रहता है, उसके पास जो मकान वाले कह दे कि मर गया अच्छा रहा तो उसका नरक निश्चित है यदि वही व्यक्ति कह दे कि अच्छा आदमी था तो आप देव बने हैं।
यदि पूरा मोहल्ला नगर, राज्य कह दे तो वह बड़ा देव व वैमानिक देव बनता है। जैनी सदा पापियों के लिए अपशुकन है। यदि कोई पापी पाप करने जा रहा है, तब यदि कोई त्यागीव्रती मुनि महाराजजी जैनी मिल गया तो समझ लेना आप अपने कार्य में सफल नहीं हो पाओगे। कभी भी अच्छे पाप कार्य में अच्छे व्यक्ति मंगलकारी नहीं, जैनी पाप कार्यों में अपशकुन है। उन्होंने कहा कि 29 अंक प्रमाण मनुष्यों में केवल 9 करोड़ मुनि बन पाते हैं, 700 करोड़ सम्यक दृष्टि हैं।
पुण्यशाली लोग बहुत कम हैं। कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना प्रायश्चित है। जब वह हर्ष पूर्वक किये हुए अपराध को स्वीकार करता है,किसी को भी अपराध को पता नहीं फिर भी वह अपनी सजा को स्वीकार करके पुलिस थाने में पहुंच जाता है। केवल स्वयं को अपराध का पता है फिर भी वह उसे स्वीकार करे, स्वयं का हमारे विरुद्ध यदि कोई गुनाह- अपराध के संबंध में उसके विरुद्ध कोई गवाह देना वाला भी नहीं मिले।

प्राप्त किया आशीर्वाद
धर्मसभा का शुभारंभ भक्तों ने चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। मंगलाचरण ख्याति जैन द्वारा किया। श्री दिगंबर जैन धर्म भावना समिति, आगरा दिगंबर जैन परिषद, श्री दिगंबर जैन शिक्षा समिति की ओर से मुनिश्री के चरणों में श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, नीरज जैन जिनवाणी चैनल, निर्मल मौठया, पन्नालाल बैनाड़ा, हीरालाल बैनाड़ा, मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल, राकेश सेठी, अनिल जैन, नरेश जैन, राकेश जैन बजाज, गौरव जैन चौधरी, राहुल जैन पश्चिमपुरी, अनंत जैन, दिलीप जैन, अंकेश जैन, समकित जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, आशीष जैन मोनू, राहुल जैन, ऊषा मारसंस, बीना बैनाड़ा, ममता जैन सहित समस्त आगरा सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













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