यशोदय तीर्थ पर चल रहे भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान में मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं की गईं। श्री पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का समापन 8 अप्रैल को होगा। इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र गजरथ, स्वर्णरथ एवं रजतरथ रहेंगे। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। यशोदय तीर्थ पर चल रहे भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान में मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं की गईं। मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में मंगलाष्टक एवं नवप्रभात की नई किरण के साथ आदिनाथ भगवान को कैलाश पर्वत से निर्वाण प्राप्ति, अग्निकुमार देवों का आगमन, नरव केश विसर्जन, सिद्ध गुणारोपण विधि, सिद्ध पूजन मोक्ष कल्याणक पूजन विधान, धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी पं प्रदीप भैया सुयश के दिशा-निर्देश में संपन्न हुईं। शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेंद्र मोदी, अरविंद पारौल एवं सुभाष जैन सतना को प्राप्त हुआ। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य महेंद्र जैन मिठया को प्राप्त हुआ।

बनेगा भव्य पाषाण मंदिर
मुनिश्री सुधासागर महाराज से दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ने नगर के भगवान अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर के नवनिर्माण हेतु निवेदन किया। मुनिश्री सुधासागर महाराज द्वारा आशीर्वाद दिया गया। अब बड़ा मंदिर भव्य पाषाण का मंदिर बनेगा। मंदिर में मुख्य पुण्यार्जक परिवार के रूप में अजित खंजाची ने इतिहास रचा। बड़ा मंदिर पाषाण का भव्य मंदिर बनेगा, जिसका शिलान्यास मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में होगा। यशोदय तीर्थ स्थल में आयोजित श्री पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का समापन 8 अप्रैल को होगा। इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र गजरथ, स्वर्णरथ एवं रजतरथ रहेंगे, जो कार्यक्रम स्थल की परिक्रमा करेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिगम्बर जैन पंचायत समिति, यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ कमेटी, श्री चंद्राप्रभु जिनालय कमेटी, श्री यशोदय सुधासागर व्यायाम शाला, श्री सर्वतोभद्र जैन सौशल ग्रुप, अखिल भारतीय महिला परिषद, श्रीसुधासिंधु महिला मंडल, वीरबाला बालिका मंडल का योगदान रहा। आभार यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने व्यक्त किया।













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