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धर्म सत्संग में भाग लेकर मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है – विशल्य सागर जी गुरुदेव

 

न्यूज सौजन्य- राजकुमार जैन,झुमरीतिलैया

झुमरीतलैया। धर्म और गुरु के बिना जीवन अधूरा है धर्म सत्संग में भाग लेकर ही मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है यह बात परम पूज्य जैन संत झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि विशल्य सागर जी गुरुदेव ने अपनी अमृतवाणी में भक्तों से कही। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा और नवीन जैन ने बताया कि गुरुवार को सुबह भक्तजन गुरुदेव को झुमरीतिलैया स्थित पानी टंकी जैन मंदिर से डॉक्टर गली जैन मंदिर गाजे बाजे के साथ लेकर आए, जहां गुरुदेव ने भगवान की विश्व शांति धारा का उच्चारण अपने मुखारविंद से किया। साथ ही भक्तजनों को अमपी अमृतवाणी में कहा कि मनुष्य का नजरिया और सोच नेक होना चाहिए तभी जीवन सुंदर बनता है। जीवन के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच होनी चाहिए जिससे आप अच्छा कार्य कर सकते हैं और सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान भगवान नेमिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। नेमिनाथ भगवान की शांति धारा का सौभाग्य सुशील कुमार अभिषेक कुमार, जोंटी काला के परिवार को मिला। वहीं भगवान का मुख्य कलश सुनील कुमार सेठी ने किया। इसके साथ ही संजय जैन ठोलिया, पिंकी छाबड़ा परिवार ने भी शांति धारा की, समाज के सभी भक्त जनों ने भक्ति भाव से पूजा की और भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया।

 

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Shreephal Jain News

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