भिण्ड के जैन महाविद्यालय में कारगिल विजय दिवस पर ‘वो वाली दीदी’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। विशेषज्ञ वक्ताओं ने छात्राओं को करियर, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का मार्गदर्शन दिया तथा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।
भिण्ड। स्थानीय जैन महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आर्यावर्ती संस्कृति संगम के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ‘वो वाली दीदी’ मार्गदर्शन एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया। स्वरूप विद्यानिकेतन स्कूल एवं सीक्रेट ब्यूटी पार्लर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, करियर निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
विशेषज्ञों ने साझा किए प्रेरक अनुभव
कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर कविता यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनुभूति गुप्ता, पैरालंपियन पूजा ओझा, पत्रकार प्रकृति शर्मा, डॉ. ज्योति परिहार, रानू ठाकुर, उमा शर्मा, प्रीति जैन एवं सुषमा जैन ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने छात्राओं को आत्मविश्वास, शिक्षा, नेतृत्व क्षमता और स्वावलंबन का महत्व समझाते हुए जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
‘मेरा गांव, मेरा इतिहास’ पोस्टर का हुआ विमोचन
इस अवसर पर “चंबल के राष्ट्र ऋषि : मेरा गांव मेरा इतिहास” विषयक पोस्टर का भी विमोचन किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के इतिहास, लोक संस्कृति, वीर योद्धाओं एवं कला-संपदा का प्रामाणिक दस्तावेज तैयार कर उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
शहीदों को श्रद्धांजलि, शिक्षित नारी का दिया संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन गीत तथा एनसीसी कैडेट्स द्वारा कारगिल के वीर शहीदों को सैल्यूट एवं दो मिनट के मौन के साथ श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। आर्यावर्त संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अश्वनी सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं उद्देश्य प्रस्तुत किए।
आयोजन में कार्यकारी अध्यक्ष आस्था परिहार, संयोजक राधा राजावत तथा मंच संचालक विदुषी तोमर की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त नारी को समृद्ध समाज की आधारशिला बताते हुए सभी ने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस अवसर पर आशीष कुमार जैन एवं दीपक गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।













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