इंदौर में मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ मध्यप्रदेश शासन ने उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया है। जैन समाज ने इसे संत परंपरा और तप-संयम के सम्मान का ऐतिहासिक निर्णय बताया। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
इंदौर।बसर सेठ हुकुमचंद जी एवं लोकमाता देवी अहिल्याबाई की धर्मनगरी इंदौर में निर्यापक तीर्थरक्षक मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने पूज्य गुरुदेव को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया है।
शासन ने दिया विशेष सम्मान
मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया गया है। इसे संत परंपरा, तप, त्याग और संयममय जीवन के प्रति शासन की श्रद्धा एवं सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
संत परंपरा का सम्मान
सकल दिगम्बर जैन समाज धर्म प्रभावना समिति की अध्यक्ष सपना मनीष गोधा ने कहा कि यह सम्मान केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित एवं समाजहित में समर्पित संत जीवन के प्रति सार्वजनिक सम्मान है। यह अभिनंदन संपूर्ण तपस्वी परंपरा का सम्मान है, जिसने सदैव समाज को संस्कार, सदाचार, संयम और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया है।
चातुर्मास की गरिमा हुई और बढ़ी
धर्म प्रभावना समिति ने कहा कि वर्ष 2026 का पूज्य गुरुदेव का वर्षायोग चातुर्मास तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर स्थित दलालबाग, इंदौर में आयोजित होना है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर राजकीय अतिथि का सम्मान इस चातुर्मास की गरिमा को और अधिक प्रतिष्ठित बनाता है तथा इंदौर के लिए भी गौरव का विषय है।
सरकार के निर्णय का स्वागत
समिति ने मध्यप्रदेश शासन के इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए साधुवाद ज्ञापित किया। समाजजनों ने इसे केवल पूज्य गुरुदेव का सम्मान नहीं, बल्कि संपूर्ण दिगम्बर जैन संत परंपरा, जैन समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान बताया।













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