तमिलनाडु के मदुरै में परम पूज्य साध्वी आज्ञानिधि श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-6 का चातुर्मास मंगल प्रवेश हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। धर्मसभा में साध्वी श्रीजी ने संयम, तप, त्याग और आत्मकल्याण का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी दिनेश सालेचा की यह रिपोर्ट।
मदुरै (तमिलनाडु)। श्री साँचा सुमतिनाथ भगवान राजेन्द्र सुरी ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित “सदगुरू समर्पणम चातुर्मास–2026” के अंतर्गत परम पूज्य विदुषी साध्वी आज्ञानिधि श्रीजी म.सा. आदि ठाणा–6 का चातुर्मास मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा और मंगलध्वनि के साथ साध्वी भगवंत का भावभीना स्वागत किया।
भव्य शोभायात्रा का हुआ आयोजन
प्रातः आराधना भवन से गाजे-बाजे एवं मंगलध्वनि के साथ भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा सोना-चाँदी बाजार, श्री साँचा सुमतिनाथ मंदिर एवं साउथ मासी स्ट्रीट से होती हुई यतीन्द्र भवन पहुँची। मार्गभर श्रद्धालुओं ने अक्षत, श्रीफल एवं पुष्पवर्षा कर साध्वी भगवंत का अभिनंदन किया। संपूर्ण वातावरण धर्ममय जयघोषों से गुंजायमान रहा।
धर्मसभा में दिया आत्मकल्याण का संदेश
यतीन्द्र भवन में आयोजित धर्मसभा में साध्वी आज्ञानिधि श्रीजी म.सा. ने धर्म, संयम, तप, त्याग एवं आत्मकल्याण पर प्रेरक प्रवचन दिए। उन्होंने चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धर्म आराधना, स्वाध्याय, तपस्या और सेवा कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।
विभिन्न मंडलों का रहा विशेष सहयोग
मंगल प्रवेश शोभायात्रा के सफल आयोजन में श्री महावीर जैन सेवा मंडल, विभिन्न महिला मंडलों, बालिका मंडलों तथा श्री आदिनाथ जैन मंडल ने व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन विजयराज गुलेच्छा ने किया।
अनेक गणमान्यजनों ने किया स्वागत
चातुर्मास प्रवेश अवसर पर श्री सुमतिनाथ जैन बड़ा मंदिर ट्रस्ट की ओर से दिनेश सालेचा तथा श्री सुमतिनाथ नया मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुमेरमल गुलेच्छा, डूंगरचंद गुलेच्छा, हड़मान जैन सहित अनेक वक्ताओं ने साध्वी भगवंत का स्वागत कर अपने श्रद्धाभाव व्यक्त किए। कार्यक्रम में ट्रस्ट पदाधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहीं।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
चातुर्मास मंगल प्रवेश में चेन्नई, विजापुर, मायावरम, इंदौर, तिरुचिरापल्ली सहित अनेक शहरों से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। अंत में ट्रस्ट ने सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए चातुर्मास के आगामी धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता का आग्रह किया।













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