मक्सी पार्श्वनाथ तीर्थ में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 59वाँ दीक्षा दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य श्री ने श्रमण परम्परा को नई ऊर्जा प्रदान की और उनका जीवन तीर्थंकरों के समान लोककल्याणकारी रहा। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
मक्सी (मध्यप्रदेश)। दिगम्बर जैन तीर्थ मक्सी पार्श्वनाथ में शनिवार को श्रमण संस्कृति के महानायक, समाधिस्थ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का 59वाँ दीक्षा दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशाल धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने आचार्य श्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का भावपूर्ण स्मरण किया।

अपने मंगल प्रवचन में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा, “मेरे गुरु आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज थे, हैं और रहेंगे। भले ही वे तीर्थंकर नहीं थे, किन्तु वे तीर्थंकरों के समान लोककल्याणकारी एवं उपकारी थे। उनके व्यक्तित्व में 24 तीर्थंकरों के गुणों की झलक दिखाई देती थी।”
उन्होंने कहा कि आचार्य श्री ने अपना संपूर्ण जीवन केवल आत्मकल्याण के लिए नहीं, बल्कि समाज और मानवता के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने सैकड़ों युवक-युवतियों को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान कर श्रमण परम्परा को नई ऊर्जा दी तथा इस भ्रांति को भी दूर किया कि पंचम काल में मुनि नहीं होते।
मुनि श्री ने कहा कि कुछ महापुरुष ऐसे होते हैं जिनका जीवन अमर हो जाता है। वे भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हों, किन्तु अपने आदर्शों, तप, त्याग और साधना के कारण सदैव जन-जन के हृदय में जीवित रहते हैं। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज भी ऐसे ही अमर व्यक्तित्व हैं, जिनका स्मरण युगों-युगों तक श्रद्धा और वंदना के साथ किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र के अनावरण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। अमित कासलीवाल, विजय धुर्रा, आनंद नवीन गोधा, हंसमुख गांधी, विजय पाटौदी, हर्ष जैन एवं पुष्पा कासलीवाल ने चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई, जिसका पुण्यार्जन आकाश कोल एवं अक्षय कासलीवाल ने किया। तत्पश्चात आचार्य श्री की सामूहिक संगीतमय पूजन एवं 59 दीपों से भव्य सामूहिक महाआरती की गई। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के तप, त्याग और लोकमंगलकारी जीवन का स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।













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