पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के पुत्र गौरव जैन के विवाह का निमंत्रण पत्र अपनी अनूठी अवधारणा के कारण चर्चा में है। आदिवासियों द्वारा तैयार सीड पेपर से बने इस कार्ड को मिट्टी में लगाने पर फूल उगते हैं। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
झांसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के पुत्र एवं अधिवक्ता गौरव जैन के विवाह का निमंत्रण पत्र अपनी अनोखी सोच और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह निमंत्रण पत्र केवल विवाह का आमंत्रण नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का प्रेरक संदेश भी दे रहा है।
सीड पेपर से तैयार किया गया विशेष निमंत्रण
विवाह का यह विशेष कार्ड बुंदेलखंड के आदिवासी समुदाय द्वारा एक सामाजिक संस्था के माध्यम से हस्तनिर्मित विशेष कागज़ से तैयार किया गया है। इस कागज़ में विभिन्न प्रकार के फूलों के बीज समाहित किए गए हैं, जिससे यह निमंत्रण पत्र पर्यावरण हितैषी बन गया है।
कार्ड पर अंकित है प्रेरक संदेश
निमंत्रण पत्र के पीछे एक भावपूर्ण संदेश लिखा गया है— “इसे मिट्टी में रोपिए, यह फूल बनकर मुस्कुराएगा।” अर्थात विवाह के बाद इस कार्ड को फेंकने के बजाय मिट्टी में लगाने पर इससे सुंदर फूल खिलेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।
हरित सोच की अनूठी पहल
यह अभिनव प्रयास समाज को पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। विवाह जैसे शुभ अवसर को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की इस पहल की विभिन्न वर्गों द्वारा सराहना की जा रही है
बन रहा प्रेरणा का माध्यम
गौरव जैन के विवाह का यह पर्यावरण अनुकूल निमंत्रण पत्र लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। यह पहल बताती है कि सामाजिक आयोजनों को भी प्रकृति संरक्षण से जोड़कर सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।













Add Comment